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‘तिरंगे में चांद आया तो न शर्मा बचेंगे न वर्मा’: धीरेंद्र शास्त्री का बांदा में तीखा संबोधन

उत्तर प्रदेश के बांदा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिंदू सम्मेलन’ में बागेश्वर धाम के ...

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| सतना टाइम्स

उत्तर प्रदेश के बांदा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिंदू सम्मेलन’ में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बेहद तीखा और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जातिवाद (Casteism) को हिंदू समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए राष्ट्रवाद को सर्वोपरि रखने की अपील की।

“जातिवाद मिटाओ, हिंदू बचाओ”

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज जातियों में बंटा रहा, तो उसका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने एक विवादित उपमा देते हुए कहा:

“जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया (इस्लामिक प्रतीकों का संकेत), उस दिन न तो शर्मा बचेंगे न वर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे और न ही रविदास या तुलसीदास को मानने वाले बचेंगे। कोई भी हिंदू नहीं बचेगा।”

बांग्लादेश का उदाहरण और चेतावनी

अपने बयान के समर्थन में उन्होंने पड़ोसी देश बांग्लादेश की हालिया हिंसा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां हिंदुओं के साथ जो बर्बरता हुई, वह जातियों को देखकर नहीं बल्कि उनके धर्म को देखकर की गई। उन्होंने दावा किया कि वहां एक-एक महिला के साथ दर्जनों लोगों ने दुष्कर्म किया, जो हमारे लिए एक बड़ी चेतावनी है।

राष्ट्रवाद बनाम जातिवाद

शास्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान समय में देश को कास्टवाद (Casteism) की नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद (Nationalism) की जरूरत है। उन्होंने नारा दिया:

  • “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।”

  • उन्होंने अपील की कि जाति की दीवारें गिराकर राष्ट्र और धर्म की एकता को मजबूत करना ही आज की सबसे बड़ी पूजा है।

जनसंख्या और संघ पर बयान

इसी कार्यक्रम और अपनी हनुमंत कथा के दौरान उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण बातें भी कहीं:

  • RSS का महत्व: उन्होंने कहा कि यदि आरएसएस (RSS) नहीं होता, तो आज एक भी हिंदू सुरक्षित नहीं बचा होता। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की दूरदर्शिता की सराहना की।

  • तीन बच्चों का संकल्प: उन्होंने हिंदुओं से आह्वान किया कि वे कम से कम तीन बच्चे पैदा करें— “दो बच्चे घर संभालने के लिए और एक बच्चा आरएसएस या राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित करें।”


कार्यक्रम की पृष्ठभूमि

  • आयोजन: यह हिंदू सम्मेलन आरएसएस के शताब्दी वर्ष (100 साल पूरे होने) के गौरवशाली अवसर पर आयोजित किया गया था।

  • संदर्भ: बांदा में इस समय धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा चल रही है, जिसमें लाखों की भीड़ उमड़ रही है। इसी प्रवास के दौरान उन्होंने संघ के इस बड़े आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें