कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस महकमे की छवि धूमिल करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने कड़ा प्रहार किया है। महिला से छेड़छाड़ के मामले में कटघोरा थाने के एक सब-इस्पेक्टर (SI) को निलंबित कर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, गैंगरेप पीड़िता की शिकायत पर लापरवाही बरतने वाले दो आरक्षकों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
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SI ने की थी मर्यादा पार, अब खा रहे जेल की हवा
कटघोरा थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर एस.के. कोसरिया पर एक महिला ने अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया था।
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कार्रवाई: महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
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जांच: एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी प्राथमिक जांच करवाई।
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परिणाम: जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसआई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया और संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
गैंगरेप केस में लापरवाही: दो आरक्षकों पर गिरी गाज
दूसरी बड़ी कार्रवाई बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में हुई है। यहाँ पदस्थ आरक्षक राकेश मेहता और राजेंद्र राय को निलंबित किया गया है।
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आरोप: इन दोनों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि जब एक सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) पीड़िता अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थी, तब इन्होंने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय कार्य में भारी लापरवाही बरती।
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जांच रिपोर्ट: विभागीय जांच में लापरवाही पुष्ट होने के बाद एसपी ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।
एडिशनल एसपी का बयान
एडिशनल एसपी नीतिश ठाकुर ने पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और महिलाओं के विरुद्ध अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कोरबा एसपी की इस त्वरित कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। यह संदेश साफ है कि रक्षक अगर भक्षक बनेंगे या अपने कर्तव्य में कोताही बरतेंगे, तो उन पर गाज गिरना तय है।








