रायपुर। छत्तीसगढ़ में नौकरी की आस में बैठे युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स (CAF) भर्ती 2018 के वेटिंग लिस्ट वाले अभ्यर्थियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच जमकर तीखी नोक-झोंक हुई, जिससे इलाके में काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही।
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7 साल का लंबा इंतजार, 417 युवाओं का भविष्य अधर में
प्रदर्शनकारियों का दर्द यह है कि वे पिछले 7 साल से नियुक्ति पत्र के लिए भटक रहे हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि:
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2018 में 1786 पदों पर भर्ती निकाली गई थी।
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मेरिट लिस्ट वालों को तो जॉइनिंग मिल गई, लेकिन 417 उम्मीदवार वेटिंग लिस्ट में डाल दिए गए।
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उस समय कहा गया था कि पद खाली होने पर उन्हें मौका मिलेगा, लेकिन सत्ता परिवर्तन और प्रशासनिक उदासीनता के चलते मामला सात साल से लटका हुआ है।
‘पद खाली हैं, फिर हमें मौका क्यों नहीं?’
अभ्यर्थियों का दावा है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स में 3,000 से अधिक पद खाली हैं। उनका सवाल है कि जब विभाग में मैनपावर की इतनी कमी है, तो वेटिंग लिस्ट में शामिल योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है? प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे पिछले एक महीने से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल रहा है।
पुलिस से झड़प, नहीं हो पाई गृहमंत्री से मुलाकात
मंगलवार को चौथी बार गृहमंत्री के बंगले पहुंचे अभ्यर्थी उनसे मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया।
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विवाद: अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं और बच्चों के साथ जोर-जबरदस्ती की।
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घेराव: अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े रहे कि जब तक गृहमंत्री से मुलाकात नहीं होगी, वे वहां से नहीं हटेंगे।
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कार्रवाई: अंततः पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया, जिसके कारण विजय शर्मा से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
सत्ता परिवर्तन के फेर में फंसी भर्ती
उल्लेखनीय है कि यह भर्ती प्रक्रिया भाजपा शासन के अंतिम दौर में शुरू हुई थी। इसके बाद आई कांग्रेस सरकार ने इस पर कोई विशेष पहल नहीं की। अब दोबारा भाजपा की सरकार आने पर इन 417 उम्मीदवारों को उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकलने से युवाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।








