रायपुर (छत्तीसगढ़):शहर की बढ़ती आबादी और अपराधों की बदलती प्रकृति को देखते हुए साय सरकार ने पुलिसिंग को ‘स्मार्ट’ और ‘पावरफुल’ बनाने का फैसला किया है। राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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क्या बदलेगा रायपुर में? (मुख्य बिंदु)
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मजिस्ट्रियल पावर: अब लाठीचार्ज, धारा 144 लागू करने, धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (जैसे जिला बदर) के लिए पुलिस को कलेक्टर (DM) की अनुमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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त्वरित निर्णय: आपातकालीन स्थितियों और दंगों जैसी स्थिति में पुलिस मौके पर ही कानूनी फैसले ले सकेगी।
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28 थानों का घेरा: रायपुर जिले के कुल 32 थानों में से 28 थानों को कमिश्नरी के अधीन लाया गया है। इसमें पूरा शहर, नवा रायपुर और ट्रैफिक पुलिस शामिल है।
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ग्रामीण इलाके बाहर: तिल्दा, आरंग और खरोरा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों को इस सिस्टम से बाहर रखा गया है, वे आईजी (IG) रेंज के अधीन ही रहेंगे।
5 राज्यों के मॉडल का मिश्रण
रायपुर का कमिश्नरी मॉडल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे 5 राज्यों के 7 बड़े शहरों का अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वीवीआईपी सुरक्षा (मंत्रालय, विधानसभा, राजभवन) और भीड़ प्रबंधन को वैश्विक स्तर का बनाना है।
नया प्रशासनिक ढांचा
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ज्वाइंट कमिश्नर: रायपुर में पहली बार दो ज्वाइंट कमिश्नर तैनात किए जाएंगे।
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महिला सुरक्षा: सरकार एक ज्वाइंट कमिश्नर के पद पर महिला IPS अधिकारी की नियुक्ति करने जा रही है, ताकि महिला अपराधों पर विशेष कड़ाई बरती जा सके।
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नया आईजी रेंज: रायपुर आईजी रेंज का पुनर्गठन होगा। अब धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाजार को मिलाकर एक नया रेंज बनाया जाएगा, जबकि कमिश्नर सिर्फ रायपुर शहर पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
नवा रायपुर होगा ‘केंद्र’
चूंकि नवा रायपुर में मंत्रालय, विधानसभा और राजभवन जैसे अति-संवेदनशील संस्थान हैं, इसलिए पूरे कमिश्नरी सिस्टम का केंद्र (Core) नवा रायपुर को बनाया गया है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरी: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| लागू होने की तिथि | 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) |
| कैबिनेट मंजूरी | 21 जनवरी 2026 |
| कुल थानों की संख्या | 28 (कमिश्नरी के अधीन) |
| अधिकार क्षेत्र | रायपुर शहर और नवा रायपुर |
| मुख्य उद्देश्य | त्वरित निर्णय और अपराधियों में पुलिस का खौफ |








