बीजापुर | छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है। माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं का भरोसा जीतने के लिए उन्हें सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर इन युवाओं के जरूरी दस्तावेज तैयार किए हैं, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

मुख्य बिंदु
-
दस्तावेजों का निर्माण: सरेंडर कर चुके पूर्व नक्सलियों के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र प्राथमिकता के आधार पर बनाए जा रहे हैं।
-
स्वास्थ्य सुरक्षा: जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।
-
बड़ा लाभ: इन कार्डों के जरिए अब ये युवा लाखों रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकेंगे।
-
आत्मनिर्भरता की ओर: प्रशासन का उद्देश्य इन युवाओं को केवल कागजात देना ही नहीं, बल्कि उन्हें समाज में आत्मनिर्भर बनाना है।
मुफ्त इलाज का मिला ‘गारंटी कार्ड’
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर पुनर्वासित युवाओं को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी। अब उन्हें निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
-
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना: बीपीएल परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज।
-
शहीद वीर नारायण सिंह योजना: आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत व्यापक कवर।
-
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना: गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता।
भय से भरोसे तक का सफर
आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद युवाओं में एक नया आत्मविश्वास देखा गया। प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और मुख्यधारा में लौटने पर सरकार हर कदम पर साथ खड़ी है।
प्रशासनिक रुख
अधिकारियों के अनुसार, “यह केवल कार्ड वितरण नहीं है, बल्कि पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा कदम है। राशन और स्वास्थ्य की चिंता दूर होने से ये युवा बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।” कैंप के दौरान लाभार्थियों को इन कार्डों के उपयोग की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई।
खबर का सारांश
-
स्थान: जिला चिकित्सालय, बीजापुर।
-
योजनाएं: आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, आधार कार्ड।
-
प्रमुख लाभ: ₹5 लाख से ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य कवर।
-
लक्ष्य: मुख्यधारा में लौटे युवाओं का पूर्ण पुनर्वास








