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चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप: दो मंजिला मकानों की छत तक पहुंचा पानी; 650 लोगों का रेस्क्यू, 400 दुकानें तबाह और 42 साल पुराना पुल बहा

चित्रकूट/सतना: धार्मिक नगरी चित्रकूट में लगातार 14 घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। उफान पर आई मंदाकिनी नदी का ...

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| सतना टाइम्स

चित्रकूट/सतना: धार्मिक नगरी चित्रकूट में लगातार 14 घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। उफान पर आई मंदाकिनी नदी का पानी घाटों को लांघकर बस्तियों, बाजारों और आवासीय इलाकों में प्रवेश कर गया, जिससे कई क्षेत्रों में दो मंजिला मकान डूब गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना के 2 हेलीकॉप्टर और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला और छतों व होटलों में फंसे करीब 650 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया। बाढ़ के कारण 20 घंटे तक ब्लैकआउट रहा और मंदाकिनी पर बना लगभग 42 साल पुराना, 25 फीट ऊंचा पुल तेज बहाव में बह गया।
सेना के दो हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू का काम रविवार को भी जारी है।
सेना के दो हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू का काम रविवार को भी जारी है।

मुख्य बातें:

  • सेना व SDRF का बड़ा रेस्क्यू: छतों पर फंसे परिवारों और तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए सेना के 2 हेलीकॉप्टर और SDRF की मोटरबोट्स तैनात की गईं।
  • 42 साल पुराना पुल ध्वस्त: मंदाकिनी नदी पर बना 25 फीट ऊंचा और 300 मीटर चौड़ा ऐतिहासिक पुल नदी के प्रचंड वेग में बह गया।
करीब 650 लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।
करीब 650 लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।
  • 400 से ज्यादा दुकानें जलमग्न: रामघाट, राघव प्रयाग घाट, नयागांव, आरोग्यधाम, जानकीकुंड और कामता क्षेत्र में 400 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गईं, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ।
  • प्रमुख तीर्थस्थल प्रभावित: सती अनसूया, गुप्त गोदावरी और स्फटिक शिला जैसे प्रसिद्ध स्थलों में भी बाढ़ का पानी भर गया।
  • 20 घंटे रहा ब्लैकआउट: बिजली आपूर्ति ठप रहने से पूरा चित्रकूट इलाका 20 घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा।
चित्रकूट के प्रमुख तीर्थस्थल सती अनसूया, गुप्तगोदावरी भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
चित्रकूट के प्रमुख तीर्थस्थल सती अनसूया, गुप्तगोदावरी भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया हवाई और जमीनी दौरा

बाढ़ की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात रीवा पहुंचे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद रविवार को उन्होंने चित्रकूट पहुंचकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविरों में पीड़ितों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी। सीएम ने चित्रकूट में बाढ़ के पीछे अतिक्रमण को भी एक बड़ी वजह बताया और अधिकारियों को राजस्व रिकॉर्ड खंगालकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
रात भर से रेस्क्यू का काम राहत बचाव दल कर रहे हैं।
रात भर से रेस्क्यू का काम राहत बचाव दल कर रहे हैं।

सड़क संपर्क टूटा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

नदी-नालों के उफान पर होने के कारण सतना-चित्रकूट मार्ग देर रात तक पूरी तरह बाधित रहा। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को कालिंजर के रास्ते चित्रकूट पहुंचना पड़ा। उधर, बिरसिंहपुर, कोटर और कोठी क्षेत्र में सेमरावल नदी के उफान पर होने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है।
सड़क पर भरे पानी में नावों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
सड़क पर भरे पानी में नावों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

 

बाढ़ के कारण दो मंजिला इमारत जितना पानी भरा हुआ है।
बाढ़ के कारण दो मंजिला इमारत जितना पानी भरा हुआ है।

 

सीएम ने बाढ़ और जलभराव की स्थिति की समीक्षा की

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में उन्होंने रीवा और सतना जिले में बाढ़ और जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद वे रविवार को चित्रकूट पहुंचे और करीब 1 घंटे 10 मिनट तक बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित लोगों की जिंदगी पटरी पर लाने के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की वजह बताया और इसके लिए सारे रिकॉर्ड मंगाकर जरूरी कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद मुख्यमंत्री ओरछा के लिए रवाना हो गए।

सीएम ने निर्देश दिए कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा हरसंभव मदद मिले यह ध्यान में रखा जाए।
सीएम ने निर्देश दिए कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा हरसंभव मदद मिले यह ध्यान में रखा जाए।

1. सतना में सेमरावल नदी उफनी, सैकड़ों लोग छतों पर फंसे

सतना के बिरसिंहपुर, कोटर और कोठी क्षेत्र में सेमरावल नदी उफान पर है। कई गांवों में पानी तेजी से बढ़ने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं, जबकि कई परिवार दो मंजिला मकानों की छतों पर फंसे हुए हैं।

2. चित्रकूट में बाढ़ की 25 तस्वीरें, मंदाकिनी का रौद्र रूप

सतना-चित्रकूट में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। मंदाकिनी उफान पर है। रामघाट-भरतघाट डूब गए हैं और करीब 400 दुकानें पानी में हैं। कई सड़कों पर नाव चल रही है। घरों-होटलों में फंसे लोगों को निकालने के लिए SDRF की टीमें जुटी हैं।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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