मैहर।। रामनगर तहसील क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जंगली हाथी E-5 के लगातार विचरण और आबादी वाले इलाकों में पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में बढ़ती दहशत के बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने मंगलवार को नायब तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित वन क्षेत्र में भेजने और ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया है कि रामनगर तहसील के गोरसरी सहित आसपास के कई गांवों में हाथी लगातार घूम रहा है। इससे ग्रामीणों की जान-माल को खतरा बना हुआ है। संगठन ने सितंबर के प्रथम सप्ताह में ग्राम सिंगपुर मौहारी (पुरैना पंचायत) में हाथी के हमले में करीब 50 वर्षीय किसान कंछेदी यादव की मौत का भी उल्लेख किया है। इसके अलावा घरों और पशुधन को नुकसान पहुंचने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।
भीम आर्मी ने कहा कि हाथी E-5 के गले में GPS/रेडियो ट्रैकर लगा होने के बावजूद वह बार-बार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहा है। 13 सितंबर को गोरसरी की अनुसूचित जाति एवं जनजाति बस्ती में हाथी के पहुंचने का उल्लेख करते हुए संगठन ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
ज्ञापन में ग्राम ओबरा में हाथी द्वारा झोपड़ी को नुकसान पहुंचाए जाने का भी जिक्र किया गया है। संगठन का कहना है कि केवल पटाखों और रोशनी के जरिए हाथी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भगाना स्थायी समाधान नहीं है।
भीम आर्मी ने हाथी को विशेषज्ञ वन्यजीव टीम के माध्यम से तत्काल रेस्क्यू कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अथवा वन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षित वन क्षेत्र में भेजने की मांग की है। साथ ही GPS/रेडियो ट्रैकर के जरिए 24 घंटे निगरानी, प्रभावित गांवों में पर्याप्त वनकर्मियों की तैनाती और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की गई।
संगठन ने सिंगपुर मौहारी में हुई जनहानि और हाथी के आबादी में पहुंचने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने की मांग भी रखी है।
भीम आर्मी जिला अध्यक्ष विक्रम सूर्यवंशी ने चेतावनी दी गई है कि मांगों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर भीम आर्मी और प्रभावित ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।






