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मैहर का मा शारदा धाम..जहां आज भी पूजा करने आते हैं आल्हा-उदल,यहाँ पाए डेली Live दर्शन

Maihar News : शक्ति उपासना का महान पर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष भी विंध्यांचल की पवित्र पहाड़ियों में बसे मा शारदा धाम ...

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| सतना टाइम्स

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Maihar News : शक्ति उपासना का महान पर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष भी विंध्यांचल की पवित्र पहाड़ियों में बसे मा शारदा धाम में आस्था और भक्ति का विशाल संगम लेकर आया है। सोमवार से प्रारंभ हुए इस महापर्व के पहले ही दिन श्रद्धालुओं का सैलाब मां शारदा के दरबार में माथा टेकने पहुच रहे है। त्रिकूट पर्वत की 600 फीट ऊंचाई पर स्थित इस प्राचीन शक्तिपीठ तक पहुंचने के लिए भक्तजन करीब 1063 सीढ़ियां चढ़कर या फिर रोपवे का सहारा लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं।

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यह देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां मान्यता है कि मां सती का हार गिरा था, इसीलिए इस स्थान का नाम ‘माई का हार’ यानी मैहर पड़ा।नवरात्र के नौ दिनों में यहां 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने संपूर्ण मेला क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है और इंतजामों की निगरानी स्वयं जिले के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।

आल्हा-उदल की अनूठी परंपरा और रहस्य

मैहर का यह शक्तिपीठ केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक मान्यताओं के लिए भी विख्यात है। मान्यता है कि महोबा के पराक्रमी योद्धा आल्हा और उदल ही मां शारदा के परम भक्त थे। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि 12वीं शताब्दी में आल्हा ने यहां कठोर तपस्या की थी और मां से आशीर्वाद पाकर वे अजेय बने।स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, आज भी जब रात में मंदिर के पट बंद हो जाते हैं, तो प्रातःकाल प्रतिमा पर ताजे फूल और अक्षत चढ़े मिलते हैं। भक्तों का विश्वास है कि अदृश्य रूप में आल्हा-उदल ही मां की पहली आराधना करते हैं। यही आस्था इस धाम को और अधिक रहस्यमयी व विशेष बनाती है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम

नवरात्रि मेले को देखते हुए मंदिर और पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा के अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। एसपी अवधेश सिंह की सीधी निगरानी में 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें 2 एएसपी, 3 डीएसपी और 9 थाना प्रभारी शामिल हैं। मंदिर परिसर और पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है।

यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा

श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। मंदिर से करीब एक किलोमीटर पहले ही बड़े वाहनों को पार्किंग में रोक दिया जाएगा। यहां से श्रद्धालु मंदिर समिति द्वारा अधिकृत ई-रिक्शा के माध्यम से निर्धारित शुल्क पर मंदिर के प्रवेश द्वार, रोपवे और सीढ़ी मार्ग तक पहुंच सकेंगे। वीआईपी वाहनों के लिए बंधा बैरियल के पास अलग पार्किंग बनाई गई है।

भक्ति और आस्था का अनूठा संगम

नवरात्रि के दौरान पूरा नगर और मंदिर प्रांगण देवी मां की भक्ति में डूब जाता है। जगह-जगह भजन-कीर्तन, देवी जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गूंज से वातावरण दिव्य और अलौकिक बन जाता है।मैहर का मा शारदा धाम केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में श्रद्धा और विश्वास का केंद्र माना जाता है।

पिछले पाँच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय जयदेव विश्वकर्मा, जनसरोकार और जमीनी हकीकत की आवाज़ हैं। सामाजिक सरोकार, सकारात्मक पहल, राजनीति, स्वास्थ्य और आमजन से जुड़े मुद्दों पर इनकी पकड़ गहरी है। निष्पक्षता और सटीक ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले जयदेव, जनता के असली सवालों को सामने लाने में यक़ीन रखते हैं।... और पढ़ें

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