रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की डीएसपी कल्पना वर्मा की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रेम प्रसंग, करोड़ों के लेनदेन और होटल हड़पने जैसे विवादों के बाद अब उन पर नक्सल ऑपरेशन की गोपनीय जानकारी लीक करने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में एएसपी द्वारा तैयार की गई 1480 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय (PHQ) और गृह विभाग को सौंप दी गई है।
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क्या है ‘गोपनीय चैट’ का मामला?
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा ने कारोबारी दीपक टंडन को व्हाट्सएप पर कुछ ऐसी जानकारियां साझा की थीं, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील थीं।
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चैट में नक्सल ऑपरेशन पर निकलने वाले जवानों की लोकेशन और उनकी आवाजाही से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं थीं।
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इस चैट के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि फोर्स की लोकेशन लीक करना जवानों की जान जोखिम में डालने जैसा गंभीर अपराध है।
एएसपी की जांच में हुए बड़े खुलासे
खम्हारडीह थाने में हुई शिकायत के बाद एएसपी कीर्तन राठौर ने इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की।
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वित्तीय लेनदेन: रिपोर्ट में कारोबारी दीपक टंडन के साथ डीएसपी के आर्थिक लेनदेन और संबंधों का विस्तार से जिक्र है।
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सबूतों का पुलिंदा: 1480 पन्नों की इस रिपोर्ट में दीपक टंडन द्वारा सौंपे गए फोटो, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्डिंग को शामिल किया गया है।
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गंभीर आरोप: कारोबारी ने आरोप लगाया था कि डीएसपी ने उनकी करोड़ों की संपत्ति, ज्वेलरी, डायमंड रिंग और पत्नी के नाम की कार हड़प ली है।
डीएसपी कल्पना वर्मा का पक्ष
इन आरोपों पर डीएसपी कल्पना वर्मा ने पहले ही सफाई देते हुए कहा है कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उनके अनुसार:
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मामला उनके पिता और दीपक टंडन के बीच बिजनेस के लेनदेन का है।
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पूरा प्रकरण फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।
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वे अपनी छवि खराब करने के आरोपों से इनकार कर रही हैं।
अब आगे क्या?
जांच रिपोर्ट अब पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के पास है। चूंकि मामला देश की आंतरिक सुरक्षा (नक्सल ऑपरेशन) से जुड़ा है, इसलिए माना जा रहा है कि डीएसपी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई या निलंबन की गाज गिर सकती है। कल्पना वर्मा वर्तमान में दंतेवाड़ा में ही पदस्थ हैं।








