खैरागढ़ (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में गंडई पुलिस ने अतरिया गांव में हुए पति-पत्नी की सनसनीखेज हत्या का मात्र कुछ घंटों में ही खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने सिर्फ 10,000 रुपये की उधारी को लेकर हुए अपमान और ताने के कारण इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

क्या था मामला?
- शिक्षक दंपति की हत्या: घटना 10 अक्टूबर की सुबह की है, जब अतरिया गांव के शिक्षक बाबूलाल सोरी और उनकी पत्नी सुन्ती बाई की उनके ही घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
- शक और खुलासा: ग्रामीणों ने जब सुबह घर का दरवाज़ा अंदर से बंद देखा और कुत्ते के लगातार भौंकने की आवाज़ सुनी, तो उन्हें शक हुआ। अंदर झांककर देखने पर बाबूलाल और सुन्ती बाई खून से लथपथ पड़े थे। सूचना मिलते ही गंडई पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

10 हजार की उधारी बनी मौत का कारण
पुलिस जांच में कुछ ही समय में गांव के भगवती मरकाम पर शक गहराया। उसे पकड़कर जब पूछताछ की गई, तो आरोपी ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया।
- कर्ज और ताना: आरोपी ने बताया कि उसने बाबूलाल सोरी से 10,000 रुपये उधार लिए थे, लेकिन वह उन्हें चुकाने में असमर्थ था।
- गुस्सा और रंजिश: बाबूलाल सोरी द्वारा बार-बार पैसे वापस मांगने और कथित तौर पर ताना व अपमानजनक बातें कहने से भगवती मरकाम के मन में गहरा गुस्सा और रंजिश भर गई। यही रंजिश इस दोहरे हत्याकांड की मुख्य वजह बनी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 10 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे चोरी-छिपे बाबूलाल सोरी के घर में प्रवेश किया। अंदर घुसते ही उसने सबसे पहले बिजली बंद कर दी और फिर लकड़ी की पट्टी से पहले पत्नी सुन्ती बाई पर और उसके बाद बाबूलाल सोरी पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।

पुलिस कार्रवाई
गंडई पुलिस ने आरोपी भगवती मरकाम के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को आज माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। चंद घंटों में इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर पुलिस ने अपनी तत्परता का परिचय दिया है।







