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बिलासपुर ट्रेन हादसा: उठ रहे गंभीर सवाल, क्या ‘सिग्नल फेल्योर’ या ‘मानवीय चूक’ बनी टक्कर की वजह?

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। बिलासपुर के लाल खदान के पास मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे हुए भीषण रेल हादसे में कई सवाल खड़े ...

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| सतना टाइम्स

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। बिलासपुर के लाल खदान के पास मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे हुए भीषण रेल हादसे में कई सवाल खड़े हो गए हैं। कोरबा पैसेंजर (MEMU) ट्रेन की मालगाड़ी से टक्कर के बाद चारों तरफ धुएं का गुबार उठ गया और इस दर्दनाक हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद पैसेंजर ट्रेन का इंजन और उससे सटा कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव कार्य) युद्धस्तर पर जारी है।

हादसे के केंद्र में खड़े मुख्य सवाल

जिस लाइन पर यह हादसा हुआ है, वहां ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लागू है, जिसके तहत एक ही ट्रैक पर ट्रेनों के बीच कम से कम डेढ़ किलोमीटर का अंतर होना चाहिए। ऐसे में दुर्घटना के कारणों को लेकर दो बड़ी आशंकाएं जताई जा रही हैं:

  • क्या लोको पायलट को नहीं दिखी मालगाड़ी?
    • सवाल उठ रहा है कि क्या पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट (ट्रेन चालक) को आगे चल रही या खड़ी मालगाड़ी दिखाई नहीं दी, जिसकी वजह से वह अचानक टकरा गई?
    • प्रारंभिक रिपोर्टों में कुछ अधिकारियों द्वारा इसे MEMU ट्रेन का सिग्नल ओवरशूट करना (लाल सिग्नल को पार करना) माना जा रहा है, यानी यह एक मानवीय त्रुटि हो सकती है।
  • सिग्नल प्रणाली का फेल्योर?
    • दूसरी बड़ी आशंका यह है कि यह ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली का फेल्योर हो सकता है। यदि सिग्नल प्रणाली सही काम कर रही होती, तो डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर पीछे आ रही ट्रेन को ग्रीन सिग्नल नहीं मिलता।
  • मालगाड़ी की अत्यधिक लंबाई?
    • यह भी अटकलें हैं कि मालगाड़ी की निर्धारित मापदंड (58 कोच) से अधिक लंबाई के कारण सिग्नल सिस्टम ट्रेन की दूरी का सही आकलन नहीं कर पाया होगा।

जांच के बाद ही होगा असली वजह का खुलासा

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रेलवे ने तत्काल रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) को इस घटना की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली और आधिकारिक वजह सामने आ पाएगी।

रेलवे ने किया मुआवजे का ऐलान

 

रेलवे ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों को 5-5 लाख रुपए और मामूली रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए दिए जाएंगे।

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और राहत तथा बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। घायलों को बिलासपुर के आस-पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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