- प्रांशु विश्वकर्मा (सतना) जिले के ऐतिहासिक और ग्रामीण आंचल भटनवारा में माँ कालिका समिति के तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। आदि शक्ति माँ कालिका मंदिर परिसर में आयोजित इस साहित्यिक अनुष्ठान में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओजस्वी रचनाओं, हास्य-व्यंग्य और मनमोहक गीतों से उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया।

माँ कालिका समिति के संरक्षक एवं अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस सफल आयोजन ने विंध्य क्षेत्र की सांस्कृतिक पटल पर एक बार फिर अमिट छाप छोड़ी है।
नामचीन कवियों की प्रस्तुतियां: गूंजे हास्य, ओज और गज़ल के सुर
कवि सम्मेलन में पधारे विभिन्न अंचलों के ख्यातिलब्ध रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से समसामयिक विषयों, वीर रस और प्रेम-सौंदर्य के रंगों को मंच पर जीवंत कर दिया:
- रविशंकर चतुर्वेदी (हास्य एवं व्यंग्य): अपनी अनूठी शैली और गुदगुदाने वाले व्यंग्यों से उन्होंने श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
- सतेन्द्र पाण्डेय (ओज रस): अपनी ओजस्वी और ऊर्जावान रचनाओं से वीर रस का ऐसा संचार किया कि पूरा पंडाल भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।

- श्रीमती दीपा गौतम, आशीष त्रिपाठी एवं तेजभान सिंह ‘तेज’: इन तीनों रचनाकारों ने अपने मधुर गीतों और सुरीली गज़लों से महफिल में साहित्यिक और रूमानी समां बांध दिया।
- तमेश्वर शुक्ल ‘तारक’ (हास्य गीत): अपने अनूठे हास्य गीतों के जरिए उन्होंने श्रोताओं को खूब हंसाया और तालियां बटोरीं।
गणमान्य अतिथियों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के आयोजक अशोक प्रताप सिंह ‘अंटू महाराज’ और पंकज सैनी के संयोजन में आयोजित इस समारोह में क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित नागरिक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे:

- विशेष उपस्थिति: भटनवारा के सरपंच राजकुमार यादव, सेमरी के सरपंच कृष्ण बिहारी मिश्रा, अजय सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सनत कुमार गौतम, दिग्विजय सिंह, रमाकांत तिवारी, राजकुमार सिंह, आनंद बहादुर सिंह, महेंद्र सिंह, प्रभात शुक्ला (पुजारी जी), प्रदीप सिंह, राजा यादव, गुरु प्रसाद सोनी, अखिलेश प्रताप सिंह और सुबोध राज सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में समिति की ओर से सभी कवियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया। इस शानदार आयोजन से भटनवारा क्षेत्र में एक बार फिर सांस्कृतिक और साहित्यिक ऊर्जा का अनूठा माहौल देखने को मिला।







