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22 दिन तक मैहर में दहशत फैलाने वाला जंगली हाथी ‘E-5’ बाणसागर डैम में 8 किमी तैरकर उत्तर शहडोल के जंगलों में पहुंचा, वन अमले ने ली राहत की सांस

मैहर,मध्यप्रदेश।। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाणसागर डैम पार कर मैहर वन मंडल की अमरपाटन रेंज में दाखिल हुआ कॉलर आईडी युक्त नर ...

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| सतना टाइम्स

मैहर,मध्यप्रदेश।। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाणसागर डैम पार कर मैहर वन मंडल की अमरपाटन रेंज में दाखिल हुआ कॉलर आईडी युक्त नर जंगली हाथी ‘ई-5’ (सी-4) 22 दिनों तक वन अमले और ग्रामीणों को छकाने के बाद आखिरकार जिले की सीमा से बाहर निकल गया है। मंगलवार शाम यह टस्कर बाणसागर डैम के अथाह जल में करीब 8 किलोमीटर तैरकर उत्तर शहडोल के जंगलों में पहुंच गया। हाथी के मैहर क्षेत्र से जाने के बाद वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

फाइल फोटो – पानी मे हाथी,फ़ोटो साभार गूगल

उल्लेखनीय है कि यह हाथी 7-8 सितंबर की दरमियानी रात बाणसागर डैम का करीब 5 किलोमीटर लंबा वाटर चैनल पार कर अमरपाटन रेंज में पहुंचा था। आमद दर्ज कराते ही हाथी ने मौहारी गांव में भारी उत्पात मचाया, कई घरों को तोड़ा और खेत की रखवाली कर रहे किसान कंछेदी यादव को पटककर मार डाला था। इस खौफनाक वारदात के बाद हाथी ने गोरसरी पहाड़ पर अपना डेरा जमा लिया और लगातार रिहायशी इलाकों में पहुंचकर फसलों व मकानों को नुकसान पहुंचाता रहा।

6 कुमकी हाथी और भारी अमला भी नहीं कर पाया था काबू

हाथी के रेस्क्यू के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम ने 6 कुमकी हाथियों के साथ मोर्चा संभाला था। कॉलर आईडी के जरिए उसकी गतिविधियों को लगातार ट्रैक किया गया। 23 सितंबर को हाथी को ट्रेंकुलाइज करने की पूरी तैयारी हो चुकी थी, लेकिन वह अचानक रेंज से बाहर निकल गया और भारी बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को टालना पड़ा।

रामनगर में वाहनों के हॉर्न से खदेड़ा, फिर डैम में उतरा टस्कर

बीती 27 सितंबर की रात करीब 10 बजे हाथी गोरसरी पहाड़ से उतरकर रामनगर के शहरी इलाके में घुस गया। दहशत में आए लोगों ने वाहनों के तेज हॉर्न बजाकर उसे खदेड़ना शुरू किया।

डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा के अनुसार, हाथी रामनगर से हरदुआ, गंजास, पुरैना और मड़करा होते हुए मैहर कैंप (रामनगर) पहुंचा, जहां वह कुछ देर रुका। इसके बाद 28 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे ललुआ बीट के कक्ष क्रमांक 637 से बाणसागर डैम में उतर गया। करीब 8 किमी पानी में तैरकर हाथी मंगलवार की शाम उत्तर शहडोल के जंगलों में दाखिल हो गया है। फिलहाल वन विभाग और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम डैम के उस पार से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।

पिछले पाँच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय जयदेव विश्वकर्मा, जनसरोकार और जमीनी हकीकत की आवाज़ हैं। सामाजिक सरोकार, सकारात्मक पहल, राजनीति, स्वास्थ्य और आमजन से जुड़े मुद्दों पर इनकी पकड़ गहरी है। निष्पक्षता और सटीक ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले जयदेव, जनता के असली सवालों को सामने लाने में यक़ीन रखते हैं।... और पढ़ें

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