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MP प्रमोशन में आरक्षण मामला: HC ने अजाक्स की हस्तक्षेप याचिका खारिज की, अंतिम सुनवाई जारी रहेगी

भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पदोन्नति में आरक्षण के विवादास्पद मामले पर जारी अंतिम सुनवाई पर रोक लगाने की मांग करने वाली ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पदोन्नति में आरक्षण के विवादास्पद मामले पर जारी अंतिम सुनवाई पर रोक लगाने की मांग करने वाली अजाक्स (अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ) की हस्तक्षेप याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले की फाइनल हियरिंग (अंतिम सुनवाई) बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

आज भी जारी रहेगी सुनवाई

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से सुनवाई जारी रखने का आग्रह किया था, ताकि नई प्रमोशन पॉलिसी पर जल्द फैसला आ सके और कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा सके। याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने निर्णय लिया कि इस मामले की अगली सुनवाई आज (13 नवंबर, 2025) भी जारी रहेगी।

याचिकाकर्ताओं की मुख्य दलीलें: SC के निर्देशों का उल्लंघन

हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में राज्य सरकार की “Promotion में Reservation Rule 2025” को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अमोल श्रीवास्तव ने मुख्य रूप से निम्नलिखित दलीलें पेश की हैं:

  1. SC के दिशा-निर्देशों की अनदेखी: याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों (एम. नागराज और जरनैल सिंह मामलों) में दिए गए निर्देशों को नजरअंदाज किया है।
  2. अपर्याप्त प्रतिनिधित्व का डेटा: आरक्षण लागू करने के लिए यह साबित करना आवश्यक था कि आरक्षित वर्ग का “अपर्याप्त प्रतिनिधित्व” है, जिसके लिए ठोस सांख्यिकीय डेटा प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य था। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, सरकार ने यह डेटा प्रस्तुत किए बिना ही पॉलिसी लागू कर दी।
  3. समान अवसर का उल्लंघन: दलील दी गई है कि प्रमोशन में आरक्षण, संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 (1) में निहित समान अवसर की गारंटी का उल्लंघन करता है।
  4. आरक्षण का उद्देश्य: याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि आरक्षण का उद्देश्य केवल नियुक्ति में अवसर प्रदान करना है, न कि पूरी सेवा अवधि के दौरान बार-बार लाभ देना।

नई पॉलिसी पर फिलहाल रोक

याचिकाकर्ताओं की दलीलों और हाईकोर्ट की सुनवाई के बीच, राज्य सरकार के मौखिक आश्वासन (Underteaking) के कारण वर्तमान में मध्य प्रदेश की नई प्रमोशन पॉलिसी का क्रियान्वयन फिलहाल नहीं किया जा रहा है।

हाईकोर्ट अब यह तय कर रहा है कि पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के किन-किन प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है।


 

 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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