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चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला यात्रियों ने कराई सुरक्षित डिलीवरी, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस बनी जननी एक्सप्रेस

Satna News : रविवार सुबह सूरत से भागलपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 22947) एक भावुक और अविस्मरणीय पल की गवाह बनी। ...

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| सतना टाइम्स

चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला यात्रियों ने कराई सुरक्षित डिलीवरी, ‘सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस’ बनी ‘जननी एक्सप्रेस

Satna News : रविवार सुबह सूरत से भागलपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 22947) एक भावुक और अविस्मरणीय पल की गवाह बनी। जब ट्रेन मैहर और सतना स्टेशन के बीच दौड़ रही थी, तभी अचानक स्लीपर कोच में प्रसव पीड़ा से कराह रही 21 वर्षीय गर्भवती महिला राजकुमारी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने ट्रेन को पलभर के लिए अस्पताल में बदल दिया और सहयात्री महिलाओं को देवदूत बना दिया।

चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला यात्रियों ने कराई सुरक्षित डिलीवरी, ‘सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस’ बनी ‘जननी एक्सप्रेस
फ़ोटो – सतना टाइम्स डॉट इन

सफर बना संघर्ष

राजकुमारी अपने पति राजेश कुमार के साथ उधना से भागलपुर जा रही थीं। सफर बिल्कुल सामान्य चल रहा था, लेकिन जैसे ही ट्रेन सतना की ओर बढ़ रही थी, तभी उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। घबराए पति ने मदद के लिए इधर-उधर दौड़ लगाई, तभी कोच की अन्य महिला यात्रियों ने हालात को संभालने का फैसला लिया।

महिला यात्रियों ने निभाई ‘दाई’ की भूमिका

बिना समय गंवाए, महिला यात्रियों ने अपने कपड़ों, साड़ियों और चादरों से अस्थायी लेबर रूम तैयार किया। सभी ने मिलकर राजकुमारी को हौसला दिया और सुरक्षित प्रसव कराया। ट्रेन के अंदर गूंजती किलकारी ने सभी की आंखें नम कर दीं और माहौल खुशी से भर गया। इस दौरान कुछ यात्रियों ने तुरंत रेलवे पुलिस और कंट्रोल रूम को घटना की सूचना भी दी।

सतना स्टेशन पर तैयार मिली मेडिकल टीम

सूचना मिलते ही सतना रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग और जीआरपी की टीम अलर्ट हो गई। ट्रेन जैसे ही सुबह करीब 4 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची, पहले से मौजूद एम्बुलेंस और मेडिकल टीम ने जच्चा-बच्चा को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

 ‘जननी एक्सप्रेस’ बनी ट्रेन

इस घटना ने ट्रेन के यात्रियों को गहराई से प्रभावित किया। सफर के बीच अचानक हुई इस खुशी ने सभी को भावुक कर दिया। ट्रेन के यात्रियों ने इसे ‘जननी एक्सप्रेस’ का नाम दिया और कहा कि यह नजारा जिंदगीभर याद रहेगा।

यात्रियों की सराहना

हर कोई महिला यात्रियों की हिम्मत और तत्परता की तारीफ कर रहा है। अगर वे समय रहते मदद न करतीं तो स्थिति बिगड़ सकती थी। लेकिन उनकी सजगता और संवेदनशीलता ने न केवल एक मासूम की जान बचाई बल्कि मां को भी सुरक्षित रखा।

 

पिछले पाँच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय जयदेव विश्वकर्मा, जनसरोकार और जमीनी हकीकत की आवाज़ हैं। सामाजिक सरोकार, सकारात्मक पहल, राजनीति, स्वास्थ्य और आमजन से जुड़े मुद्दों पर इनकी पकड़ गहरी है। निष्पक्षता और सटीक ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले जयदेव, जनता के असली सवालों को सामने लाने में यक़ीन रखते हैं।... और पढ़ें