Satna Gaurav Diwas :सतना नगर निगम द्वारा मनाए जा रहे ‘गौरव दिवस’ के जश्न पर स्थानीय विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ‘डब्बू’ ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधायक ने शहर की बदहाल व्यवस्था का हवाला देते हुए महापौर और निगम प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब शहर की जनता परेशान है, तो यह ‘गौरव’ मनाने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का वक्त है।

धूल और गड्ढों में गौरव कैसा?”
विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कटाक्ष करते हुए कहा, किस बात का गौरव दिवस मना रहे हैं? पूरा शहर खुदा पड़ा है। सड़कों पर धूल उड़ रही है और जगह-जगह गड्ढे हैं। नागरिकों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। ऊपर से जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है। ऐसी अव्यवस्थाओं के बीच जश्न मनाना जनता के जले पर नमक छिड़कने जैसा है।
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विकास के लिए रोना, इवेंट के लिए खजाना?
विधायक ने निगम की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी शहर के विकास कार्यों की बात होती है, तो नगर निगम के जिम्मेदार ‘फंड की कमी’ का रोना रोते हैं। वे कहते हैं कि खजाना खाली है।अगर विकास के लिए पैसा नहीं है, तो गौरव दिवस जैसे कार्यक्रमों पर खर्च करने के लिए धन कहां से आ रहा है? यह पैसा किसका है?
“महापौर हिसाब दें- यह जनता का पैसा है या उनका?”
सिद्धार्थ कुशवाहा ने महापौर को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा,”इस आयोजन का खर्च कौन उठा रहा है? क्या महापौर अपनी जेब से पैसा खर्च करेंगे या फिर जनता की गाढ़ी कमाई (टैक्स) के पैसे को इस तरह के दिखावे में उड़ाया जाएगा? नगर निगम को इसका पाई-पाई का हिसाब जनता को देना पड़ेगा।”







