भोपाल | मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सर्वसुविधायुक्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना (Action Plan) के साथ मैदान में उतरी है। प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘सांदीपनि विद्यालयों’ की तर्ज पर अन्य शासकीय स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने नियमित निरीक्षण, आधारभूत ढांचे के विस्तार और पठन-पाठन में सुधार के लिए 16 प्रमुख बिंदुओं की गाइडलाइन तैयार की है।
मुख्य बातें:
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भवन विहीन स्कूलों को मिलेगा भवन: प्रदेश के ऐसे स्कूल जो भवन विहीन हैं या अन्य विद्यालयों के भवनों में संचालित हो रहे हैं, उनके लिए नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
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शिक्षकों की उपस्थिति व नियमित PTM: शिक्षकों की नियमित उपस्थिति का आकलन होगा और अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएंगी।
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सोशल ऑडिट और रैंडम चेकिंग: व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए सभी स्कूलों का नियमित निरीक्षण और ‘सोशल ऑडिट’ कराया जाएगा।
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परिसर में अनधिकृत वीडियो बनाने पर रोक: विद्यालय परिसरों में पढ़ाई के दौरान बिना अनुमति के वीडियो बनाने या अन्य अनावश्यक गतिविधियों पर सख्त पाबंदी रहेगी।
16 सूत्रीय एक्शन प्लान के प्रमुख बिंदु
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भवन व्यवस्था: भवन विहीन विद्यालयों के लिए नए भवन और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाएगा।
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शिक्षक उपस्थिति: अध्यापकों की स्कूल में नियमित और समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: पठन-पाठन का स्तर सुधारने और विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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छात्रावास सुविधा: दूर-दराज के छात्रों के लिए आवश्यकतानुसार हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार होगा।
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नियमित PTM: अभिभावकों को बच्चों की प्रगति से जोड़ने के लिए समय-समय पर PTM होगी।
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एलुमनाई नेटवर्क: पूर्व छात्रों को जोड़कर स्कूल के विकास व सुविधाओं में सहयोग लिया जाएगा।
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निजी स्कूलों पर निगरानी: प्राइवेट स्कूलों के सुचारू व नियमानुसार संचालन पर ध्यान दिया जाएगा।
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नियमित निरीक्षण: प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
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सोशल ऑडिट: जनभागीदारी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सोशल ऑडिट व्यवस्था लागू होगी।
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मूलभूत सुविधाएं: भवनों की पुताई, शुद्ध पेयजल और आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
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शौचालय निर्माण: विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, अलग और उपयोगी टॉयलेट्स की व्यवस्था होगी।
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स्मार्ट/बेहतर ब्लैक बोर्ड: सभी कक्षाओं में उपयोगी और स्पष्ट दिखाई देने वाले ब्लैक बोर्ड लगाए जाएंगे।
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मौसम से सुरक्षा: बारिश व खराब मौसम से बच्चों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम होंगे।
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रील/वीडियो पर रोक: स्कूल परिसर में अनाधिकृत वीडियो निर्माण व गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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मिड-डे मील समीक्षा: मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचकर कमियां तुरंत दूर की जाएंगी।
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अतिरिक्त कक्षों का निर्माण: छात्र संख्या के अनुपात में नए क्लासरूम बनाए जाएंगे।
सुरक्षित और जवाबदेह माहौल पर फोकस
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस कार्ययोजना का मुख्य ध्येय केवल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और तनावमुक्त शैक्षणिक माहौल देना है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से मूलभूत सुविधाओं और मध्याह्न भोजन व्यवस्था में सुधार की गति को और तेज किया जाएगा।