सतना | मध्य प्रदेश के सतना जिले में बैंक से ज्यादा ब्याज और कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर 135 से अधिक लोगों के साथ 80 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में पिछले 5 महीने से फरार चल रहे शातिर कलेक्शन एजेंट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी कंपनी के बंद होने के बाद से पुलिस को चकमा देकर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
मुख्य बातें:
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गिरफ्तार आरोपी: चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा (34 वर्ष), निवासी पीएम आवास उतैली, थाना कोलगवां।
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ठगी का तरीका: ‘एचिवर्स क्रेडिट को-ऑपरेटिव कंपनी’ के नाम पर कम समय में पैसा दोगुना करने और भारी ब्याज देने का लालच देकर निवेश कराया।
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135 से ज्यादा पीड़ित: अब तक 135 से अधिक निवेशकों के सामने आने से ठगी का आंकड़ा 80 लाख रुपये के पार पहुंच चुका है। जांच आगे बढ़ने पर यह रकम और बढ़ सकती है।
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डायरेक्टर और मैनेजर फरार: कंपनी का दफ्तर बंद कर मुख्य जिम्मेदार गायब हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पैसा मैच्योर होने पर दफ्तर बंद कर भागे आरोपी
सिटी कोतवाली प्रभारी डीएसपी रावेन्द्र द्विवेदी के मुताबिक, 15 मार्च को सागर निवासी प्रमोद कुमार दुबे व अन्य पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ितों का आरोप था कि कलेक्शन एजेंट चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर उनसे और उनके परिचितों से लाखों रुपये जमा कराए थे। जब निवेश की अवधि पूरी हुई और लोगों ने अपनी रकम मांगी, तो आरोपी बहाने बनाने लगे और अंततः दफ्तर बंद कर गायब हो गए।
5 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी, डायरेक्टर की तलाश तेज
पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर सोमवार को फरार एजेंट चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक नरेन्द्र सिंह गहरवार, आरक्षक उपेश पाठक और सुभाष पटेल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब कंपनी के फरार डायरेक्टर और मैनेजर की सरगर्मी से तलाश कर रही है।