सतना। राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतना द्वारा मंगलवार को टाउन हॉल में एक विशाल विधिक जागरूकता और सहायता शिविर संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता सोलंकी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित न रहे, यही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। शिविर में न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ प्रशासन के विभिन्न विभागों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

न्यूज़ हेडलाइंस
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कानूनी कवच: समाज के गरीब और वंचित वर्ग को निःशुल्क और सुलभ न्याय दिलाने का संकल्प।
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मौके पर समाधान: विभिन्न सरकारी विभागों ने लगाए स्टॉल; पात्र हितग्राहियों का किया गया पंजीयन।
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दिव्यांगों को सहारा: प्रधान जिला न्यायाधीश ने मंच से व्हीलचेयर और बैसाखी जैसे सहायक उपकरणों का किया वितरण।
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त्वरित न्याय: ‘मेडिएशन 2.0’ (मध्यस्थता) के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर दिया गया जोर।
अधिकारों के प्रति जागरूकता ही असली सशक्तिकरण
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अपने संबोधन में प्रधान जिला न्यायाधीश गीता सोलंकी ने विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका को स्पष्ट किया:
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अंतिम व्यक्ति तक पहुँच: उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल कागजी जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है।
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सुलभ न्याय: गरीब वर्ग के लिए निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया।
विभिन्न विभागों का ‘महा-संगम’
शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निगम, विद्युत मंडल और सामाजिक न्याय विभाग जैसे कई विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की:
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स्वास्थ्य परीक्षण: मेडिकल टीम ने मौके पर मौजूद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां और परामर्श उपलब्ध कराया।
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योजनाओं का लाभ: लाड़ली बहना, श्रम विभाग की योजनाएं और पेंशन संबंधी प्रकरणों के लिए स्टॉल लगाए गए, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने पंजीयन कराया।
सचिव पार्थ शंकर मिश्रा ने बताया ‘मेडिएशन’ का महत्व
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पार्थ शंकर मिश्रा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में नालसा (NALSA) और सालसा (SLSA) की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘मेडिएशन 2.0’ की उपयोगिता बताते हुए कहा कि आपसी समझ और मध्यस्थता से वर्षों पुराने विवादों को भी बिना किसी कड़वाहट के सुलझाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जागरूकता के अभाव में लोग अपने हक से न चूकें, इसके लिए पैरा लीगल वॉलंटियर्स निरंतर कार्य कर रहे हैं।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार निगम, जिला न्यायाधीश शशिकांत वर्मा, मानवेन्द्र सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण सोंधिया और जिला विधिक सहायता अधिकारी एम. जीलानी सहित बड़ी संख्या में पैनल अधिवक्ता और पत्रकारगण उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: न्याय अब केवल अदालतों तक सीमित नहीं
सतना में आयोजित यह मेगा कैंप इस बात का प्रमाण है कि न्याय व्यवस्था अब अदालतों की चौखट से निकलकर आम आदमी के बीच पहुँच रही है। दिव्यांगजनों को वितरित किए गए उपकरणों और मौके पर प्रदान किए गए लाभों ने इस आयोजन को वास्तव में सफल बनाया।








