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MP में ‘SIR’ पर सियासी संग्राम: कांग्रेस का ‘वोट कटाई’ का आरोप, BJP बोली- यह निष्पक्ष चुनाव की कुंजी!

भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य में ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य में मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए शुरू हुई इस प्रक्रिया पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘वोट कटाई की साजिश’ करार दिया है, वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे फर्जी वोटों को हटाने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बताया है।

कांग्रेस के गंभीर आरोप: ‘अधूरी तैयारी’, ‘फर्जीवाड़ा’ और ‘पारदर्शिता का अभाव’

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने SIR प्रक्रिया की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत पत्र लिखकर मुख्य रूप से ये आरोप लगाए हैं:

  • BLO की नियुक्ति में देरी: हाल ही में बनाए गए 7000 नए मतदान केंद्रों पर अभी तक बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की नियुक्ति नहीं हुई है, जिससे प्रक्रिया अधूरी है।
  • प्रशिक्षण का अभाव: BLO को सही तरीके से ट्रेनिंग नहीं दी गई है, जिससे वे घर-घर जाकर सही जांच करने में सक्षम नहीं हैं।
  • मतदाता सूची में गड़बड़ी: कांग्रेस ने मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ने या हटाने के मानदंडों की अस्पष्टता पर चिंता जताई है, जिससे गरीब और वंचित तबके के वोटरों के नाम कटने का खतरा है।
  • बिहार का हवाला: पटवारी ने कहा कि बिहार में भी इसी तरह की प्रक्रिया से विपक्ष आशंकित था और यही अब मध्य प्रदेश में दोहराया जा रहा है।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से SIR की पूरी समीक्षा करने, नए केंद्रों में तुरंत BLO तैनात करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की है। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेताओं राशिद अल्वी और पवन खेड़ा ने भी आयोग की नीयत पर संदेह जताते हुए इसे ‘वोट चोरी का जरिया’ होने की आशंका व्यक्त की है।

बीजेपी का बचाव: ‘फर्जी वोटिंग पर लगाम’, ‘आरोप बेबुनियाद’

दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने SIR का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा: “SIR एक जरूरी प्रक्रिया है, जो फर्जी वोटिंग को रोकने और मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाने के लिए आवश्यक है। विपक्ष के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। अगर कोई गड़बड़ी है, तो उन्हें जमीनी स्तर पर शिकायत करनी चाहिए।”

चुनाव आयोग ने भी सफाई देते हुए कहा है कि 89 लाख शिकायतों का दावा झूठा है और उन्हें सिर्फ 16 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।

देश के 12 राज्यों में SIR का दूसरा चरण शुरू

SIR, जिसका अर्थ है मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करते हैं, पुराने और गलत नाम हटाते हैं, और नए नाम जोड़ते हैं। इसका उद्देश्य लोकतंत्र की बुनियाद, यानी मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना है।

बिहार के बाद, अब 4 नवंबर 2025 से देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का दूसरा चरण शुरू हो गया है, जो 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। इसमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य शामिल हैं। आयोग का लक्ष्य है कि 2026-27 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध किया जा सके।

हालांकि, राजनीतिक दलों के बीच यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नया उबाल ला रहा है, जहां 2028 के चुनावों पर इस प्रक्रिया के संभावित प्रभाव को लेकर आशंकाएं हैं।

 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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