Ganesh Chaturthi 2025 :देशभर में गणेशोत्सव का पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। मुंबई से लेकर पुणे और नागपुर से चेन्नई तक हर शहर में Lord Ganesha का स्वागत भव्य पंडालों और अनूठी थीम्स के साथ किया जा रहा है। इसी बीच आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा (Vijayawada) शहर में स्थापित 72 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है।

यह प्रतिमा विजयवाड़ा गणेश सेवा समिति द्वारा बनाई गई है और इसकी सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से इको-फ्रेंडली (Eco-Friendly) है। मूर्ति के निर्माण में नारियल के रेशे, जूट, मिट्टी, भूसी और बोरे जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया है, ताकि पर्यावरण को किसी भी तरह की हानि न पहुंचे।
सिंहासन पर विराजमान गणपति
अब तक देशभर में जहां भी 72 फीट की गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं, वे खड़ी मुद्रा में रही हैं। लेकिन इस बार विशेष रूप से Lord Ganesha को सिंहासन पर विराजमान मुद्रा में दिखाया गया है। इस बदलाव के कारण प्रतिमा की चौड़ाई भी लगभग 30 फीट बढ़ गई है।
90 दिनों की मेहनत, सैकड़ों कारीगर
इस भव्य मूर्ति को तैयार करने में करीब 90 दिनों तक सैकड़ों कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की। मूर्ति के दोनों ओर भगवान परमेश्वर और मां कनक परमेश्वरी की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं।भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए अलग से व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल और निजी सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए हैं।
सांसद ने की पहली पूजा
बुधवार सुबह इस प्रतिमा की पहली पूजा विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी शिवनाथ और उनकी पत्नी ने की। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने समिति को आश्वासन दिया कि इस क्षेत्र में पहले जैसी बाढ़ की समस्या दोबारा नहीं होगी। इसके लिए गुडीमेट्टा में Retaining Wall का निर्माण किया गया है।
हर सुबह हवन (Havan) और शाम को Special Pooja का आयोजन होगा। समिति का विश्वास है कि इस वर्ष कार्यसिद्धि महाशक्ति गणपति के दर्शन करने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।







