फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के चौफेरवा गांव में बुधवार की रात उस वक्त कोहराम मच गया, जब घर के मुखिया सुशील श्रीवास्तव ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर उनकी पत्नी, बेटा और छोटा भाई खून से लथपथ पड़े थे।

घर का मंजर देख कांप गई रूह
घटनाक्रम के अनुसार, सुशील श्रीवास्तव शाम को खेत पर गए थे। रात करीब 8 बजे जब वे घर लौटे, तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था।
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दरवाजा तोड़कर घुसे: काफी देर तक आवाज देने और कुंडी खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो सुशील ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा।
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लहूलुहान शव: अंदर कमरे में पत्नी सुशीला (50), बेटा अमर (30) और भाई सुनील उर्फ गुड्डू (52) पड़े हुए थे।
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ब्लेड के निशान: शुरुआती जांच में तीनों के गले पर किसी धारदार हथियार या ब्लेड से कटने के गहरे निशान मिले हैं।
अस्पताल ले जाते समय थमी सांसें
जब परिजन घर के अंदर पहुँचे, तो छोटा भाई सुनील (गुड्डू) सांसें ले रहा था। उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पत्नी सुशीला और बेटे अमर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
अनसुलझी पहेली: हत्या या सामूहिक आत्महत्या?
इस मामले ने पुलिस को उलझन में डाल दिया है क्योंकि:
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कोई विवाद नहीं: सुशील श्रीवास्तव के अनुसार परिवार में किसी तरह का कोई झगड़ा या तनाव नहीं था।
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दरवाजा बंद होना: घर का दरवाजा अंदर से बंद होना ‘सामूहिक आत्महत्या’ या परिवार के ही किसी सदस्य द्वारा घटना को अंजाम देकर खुदकुशी करने की ओर इशारा कर रहा है।
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क्रूरता: जिस तरह से गले पर वार किए गए हैं, वह किसी बाहरी रंजिश या क्रूर हत्या की संभावना को भी जन्म देता है।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही डीएसपी सिटी प्रमोद शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
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फॉरेंसिक जांच: डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
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पोस्टमार्टम: तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह हत्या है या आत्महत्या।
मामला: एक नज़र में
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स्थान: चौफेरवा गांव, सदर कोतवाली, फतेहपुर।
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मृतक: सुशीला (पत्नी), अमर (बेटा), और सुनील (देवर)।
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गवाह: सुशील श्रीवास्तव (घर के मुखिया)।
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जांच का बिंदु: गले पर धारदार हथियार के निशान और घर का अंदर से बंद होना।








