सतना। नशे के सौदागरों के खिलाफ सतना पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने नागौद क्षेत्र के दुर्गम परसमनिया पठार के जंगलों के बीच चल रहे एक हाई-टेक ‘सेफ हाउस’ का भंडाफोड़ किया है। यहाँ एक आदिवासी महिला के घर को गोदाम बनाकर छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित कफ सिरप की 14,000 शीशियां बरामद की गई हैं।
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जंगल के रास्ते तस्करी और ‘डेली पेमेंट’ का खेल
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए मड़फई गांव की रहने वाली चौरसिया देवी साकेत के घर को अपना ठिकाना बनाया था।
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किराए का नया तरीका: महिला को माल रखने के बदले कोई फिक्स किराया नहीं, बल्कि प्रतिदिन (Daily Basis) के हिसाब से नकद भुगतान किया जाता था।
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छत तक भरा था नशा: जब पुलिस ने महिला के घर का ताला तोड़ा, तो कमरे के अंदर का नजारा देख दंग रह गई। कमरे में छत तक प्रतिबंधित कफ सिरप की पेटियां लदी हुई थीं।
कुख्यात ‘जस्सा’ नेटवर्क से जुड़े तार
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि इस अवैध कारोबार के तार विंध्य क्षेत्र के कुख्यात ड्रग माफिया अनूप जायसवाल उर्फ ‘जस्सा’ के नेटवर्क से जुड़े हैं। आरोपियों को मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से निर्देश मिलते थे और पिकअप वाहनों के जरिए जंगल के रास्तों से माल को ठिकाने तक पहुँचाया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी:
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कुल जब्ती: 120 पेटियां (करीब 14,000 नशीली शीशियां)।
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बाजार मूल्य: लगभग 28 लाख रुपये।
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गिरफ्तार आरोपी: मकान मालकिन चौरसिया देवी, मुख्य सरगना मनीष यादव और शैलेंद्र गुप्ता उर्फ टिंकू।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
सतना एसपी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान तीन अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर घने जंगलों की ओर भागने में सफल रहे। पुलिस की टीमें जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नशे की यह बड़ी खेप कहां खपाने की तैयारी थी और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।
“नशे के सौदागरों ने पुलिस को चकमा देने के लिए दुर्गम रास्तों और गरीब ग्रामीणों के घरों का इस्तेमाल शुरू किया है। हम इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचेंगे और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” — सतना पुलिस प्रशासन








