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सतना में ‘देवदूत’ बने डॉक्टर: 6 साल के मासूम के प्राइवेट पार्ट में घुसा लोहे का सरिया; मेडिकल कॉलेज की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर बचाई जान

सतना | सतना जिले के टिकरिया गांव में खेल-खेल में एक 6 वर्षीय मासूम के साथ हृदय विदारक हादसा हो गया। लोहे के ...

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| सतना टाइम्स

सतना | सतना जिले के टिकरिया गांव में खेल-खेल में एक 6 वर्षीय मासूम के साथ हृदय विदारक हादसा हो गया। लोहे के सरिये पर गिरने से सरिया बच्चे के शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्से (प्राइवेट पार्ट) में घुस गया। लहूलुहान हालत में बच्चे को जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने चमत्कारिक रूप से ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली।

मुख्य बिंदु 

  • हादसे की वजह: टिकरिया निवासी अमन रावत घर के बाहर खेल रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह जमीन पर गड़े सरिये पर जा गिरा।

  • तत्काल एक्शन: मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर होने के बाद, जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की सर्जरी टीम ने मोर्चा संभाला।

  • जटिल ऑपरेशन: सर्जरी विभाग के HOD डॉ. अनुराग जैन के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने मात्र आधे घंटे में सरिया बाहर निकाला।

  • खतरे से बाहर: डॉक्टरों का कहना है कि यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती, तो अत्यधिक खून बहने से बच्चे की जान जा सकती थी।


डॉक्टरों की टीम ने दिखाया कौशल

जैसे ही मासूम को अस्पताल लाया गया, डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सीधे ऑपरेशन थिएटर (OT) में शिफ्ट किया। इस टीम में मुख्य रूप से शामिल थे:

  1. डॉ. अनुराग जैन (सर्जरी विभाग प्रमुख)

  2. डॉ. आनंद गुप्ता

  3. डॉ. नीलेश पांडेय

  4. डॉ. सौहार्द जैन

डॉक्टरों ने बताया कि सरिया शरीर के अंदर काफी गहराई तक चला गया था, जिसे बेहद सावधानी से निकालना पड़ा ताकि अन्य आंतरिक अंगों को नुकसान न पहुँचे।

परिजनों ने जताया आभार

हादसे के बाद टिकरिया गांव और बच्चे के परिवार में कोहराम मच गया था। लेकिन समय पर सफल ऑपरेशन की खबर मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। फिलहाल बच्चा सर्जिकल वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है।


अभिभावकों के लिए चेतावनी

यह घटना एक सबक भी है। घर के आसपास निर्माण सामग्री जैसे सरिया, नुकीली वस्तुएं या गड्ढे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासन और डॉक्टर बार-बार अपील करते हैं कि बच्चों के खेलने की जगह को सुरक्षित रखें और उन पर नजर बनाए रखें।


खबर का सारांश 

  • पीड़ित बच्चा: अमन रावत (6 वर्ष), टिकरिया।

  • अस्पताल: जिला अस्पताल सतना (मेडिकल कॉलेज टीम)।

  • सर्जरी का समय: लगभग 30 मिनट।

  • वर्तमान स्थिति: बच्चा सुरक्षित और स्थिर।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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