सतना मध्य प्रदेश के सतना जिले में डेंगू (Dengue) के प्रकोप से एक 30 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निजी पैथोलॉजी लैब की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुणे से लौटकर आए युवक की डेंगू से मौत के मामले में जब पड़ताल की गई, तो पता चला कि जिन दो पैथोलॉजी में पति-पत्नी की जांच हुई थी, उन्होंने पॉजिटिव रिपोर्ट की अनिवार्य सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी थी। इस गंभीर लापरवाही पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने सख्त रुख अपनाते हुए दो पैथोलॉजी लैब को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
पुणे से लौटने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सतना के सिद्धार्थ नगर का है:
-
पुणे से वापसी: सिद्धार्थ नगर निवासी राजेश बुनकर (30 वर्ष) अपनी पत्नी प्रियंका और छोटे भाई अजय के साथ गत 29 अक्टूबर को पुणे से सतना लौटे थे। शहर आने के बाद अचानक तीनों की तबीयत बिगड़ गई।
-
निजी लैब में जांच: परिजनों ने जब इनकी जांच कराई, तो विद्या पैथोलॉजी में कराई गई जांच में राजेश और सेंट्रल पैथोलॉजी में कराई गई जांच में उनकी पत्नी प्रियंका डेंगू पॉजिटिव पाई गईं।
-
इलाज के दौरान मौत: जिला अस्पताल में तीन दिन तक इलाज चलने के बाद जब राजेश की हालत में सुधार नहीं हुआ, तो डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। 1 नवंबर को रीवा मेडिकल कॉलेज ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। उनकी पत्नी प्रियंका (जो कि सात माह की गर्भवती हैं) की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पैथोलॉजी संचालकों पर क्यों गिरी गाज?
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के मुताबिक, किसी भी मरीज में डेंगू जैसे संक्रामक और खतरनाक रोग की पुष्टि होने पर संबंधित पैथोलॉजी या अस्पताल के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे तत्काल इसकी सूचना मलेरिया विभाग को दें और आईएचआई (IHI) पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करें।
लेकिन इस मामले में दोनों ही लैब ने यह प्रोटोकॉल तोड़ा:
-
विद्या पैथोलॉजी और सेंट्रल पैथोलॉजी ने मरीजों की पॉजिटिव रिपोर्ट दबाए रखी और स्वास्थ्य विभाग को इसकी कोई भनक तक नहीं लगने दी।
-
सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने इस लापरवाही को बेहद गंभीरता से लेते हुए दोनों लैब के संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मलेरिया विभाग की कार्रवाई, लार्वा नहीं मिले
युवक की मौत की सूचना मिलते ही मलेरिया विभाग की 6 सदस्यीय विशेष टीम मृतक के घर सिद्धार्थ नगर पहुंची।
-
जांच और छिड़काव: टीम ने घर और आसपास के इलाकों में मच्छरों के पनपने की स्थिति की जांच की, हालांकि गनीमत यह रही कि इस दौरान डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा नहीं मिले। एहतियात के तौर पर आसपास की नालियों में टेमीफास और घरों के अंदर पैराथ्राम का छिड़काव कराया गया।
-
सैंपलिंग: स्वास्थ्य विभाग अब परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क हो गया है और उनके ब्लड सैंपल (एलाइजा टेस्ट के लिए) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है