रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा स्कूलों और कॉलेजों में कुल 5,700 से अधिक शिक्षकों और सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की घोषणा के बाद, अब भर्ती प्रक्रिया का पहला चरण शुरू हो गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के प्रस्ताव पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और राज्य पात्रता परीक्षा (SET) की तिथियां घोषित कर दी हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-26) की समय-सारणी
स्कूल शिक्षकों (कक्षा 1 से 8 तक) के लिए अनिवार्य TET परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है।
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आवेदन प्रक्रिया शुरू: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 13 नवंबर (गुरुवार) से शुरू हो चुकी है।
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अंतिम तिथि: 8 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं।
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परीक्षा तिथि: TET-26 परीक्षा फरवरी 2026 में आयोजित की जाएगी।
कॉलेजों के लिए SET परीक्षा भी जल्द
कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक बनने के लिए अनिवार्य राज्य पात्रता परीक्षा (SET) की अधिसूचना भी जल्द जारी होने वाली है।
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अधिसूचना: दिसंबर 2025 में जारी होने की संभावना है।
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परीक्षा तिथि: SET परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 में आयोजित की जाएगी।
भर्ती का लक्ष्य और आजीवन वैधता
सरकार ने स्थानीय युवाओं को अधिक लाभ देने के उद्देश्य से भर्ती से पहले इन पात्रता परीक्षाओं को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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भर्ती के पद: स्कूलों में 5,000 और कॉलेजों में 700 सहायक प्राध्यापकों (जिसमें 625 सहायक प्राध्यापक और 25 क्रीड़ा अधिकारी) के पदों पर भर्ती होनी है, जिसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है।
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टीईटी की वैधता: छत्तीसगढ़ में एक बार TET परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इसकी वैधता आजीवन रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सक्रियता
पात्रता परीक्षा (TET) की सक्रियता के पीछे सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का एक महत्वपूर्ण आदेश भी है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि नौकरी और पदोन्नति चाहने वाले सभी शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा।
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नियम: जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच साल से ज्यादा का समय शेष है, उन्हें अनिवार्य रूप से TET पास करना होगा, अन्यथा उन्हें इस्तीफा या कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना पड़ सकता है।
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पदोन्नति: जिनकी सेवा अवधि पांच साल से कम है, उनके लिए पद पर बने रहने हेतु TET अनिवार्य नहीं है, लेकिन पदोन्नति चाहने पर उन्हें यह परीक्षा पास करनी होगी। यह आदेश पूरे देश के सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर)।
प्रदेश के स्कूलों में वर्तमान में शिक्षकों के करीब 40,000 पद खाली हैं, जबकि कॉलेजों में लगभग 2,600 सहायक प्राध्यापकों के पद रिक्त हैं।








