होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म
गूगल न्यूज़ में हमारे साथ जुड़ें

पन्ना टाइगर रिजर्व की बड़ी लापरवाही: अफसरों की नाक के नीचे 3 हफ्ते तक सड़ता रहा ‘जंगल का राजा’; मुख्य मार्ग से 100 मीटर दूर मिले बाघ की हड्डियों के ढेर

पन्ना |पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहाँ एक बाघ की मौत के करीब 20 से ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

पन्ना |पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहाँ एक बाघ की मौत के करीब 20 से 25 दिन बाद उसका कंकाल और खाल के अवशेष बरामद हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर यह शव मिला, वह पन्ना-मझगवां मुख्य मार्ग से महज 100 मीटर अंदर है। इस मार्ग से वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और गश्ती दल (Patrolling Team) का रोजाना आना-जाना होता है, फिर भी किसी को दुर्गंध तक नहीं आई।

मुख्य बिंदु 

  • ग्रामीणों ने खोला राज: महुआ बीनने जंगल गए ग्रामीणों ने जब हड्डियों का ढेर देखा, तब विभाग को इसकी भनक लगी।

  • सड़ चुका था शव: बाघ का शरीर पूरी तरह गल चुका था, केवल जबड़े और पंजों के अवशेष ही बचे थे।

  • गश्त पर सवाल: जिस इलाके (कटरिया बीट) में शव मिला, वहां एक दर्जन बाघों का मूवमेंट रहता है। ऐसे में 25 दिनों तक गश्ती दल का वहां न पहुँचना ‘कागजी गश्त’ की ओर इशारा करता है।

  • अधिकारियों का बयान: पीटीआर प्रबंधन का कहना है कि पोस्टमार्टम कराया गया है और यदि लापरवाही सिद्ध हुई तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।


शिकार या आपसी भिड़ंत?

वन विभाग ने प्राथमिक जांच में बताया कि बाघ के दांत और नाखून सुरक्षित मिले हैं, जिससे ‘शिकार’ की संभावना कम और ‘टेरिटरी फाइट’ (आपसी लड़ाई) की आशंका अधिक जताई जा रही है।

लेकिन बड़ा सवाल: यदि बाघ की मौत आपसी लड़ाई में हुई, तो भी क्या 25 दिनों तक गश्ती दल ने उस क्षेत्र की मॉनिटरिंग नहीं की? क्या विभाग के पास मौजूद ट्रैकिंग सिस्टम फेल हो चुका था?

पन्ना का काला इतिहास और वर्तमान संकट

पन्ना टाइगर रिजर्व ने 2009 में शून्य हुए बाघों के बाद ‘टाइगर री-इंट्रोडक्शन’ प्रोजेक्ट के जरिए दुनिया में मिसाल कायम की थी। आज यहाँ 100 से अधिक बाघ हैं, लेकिन बढ़ती आबादी के मुकाबले 1600 वर्ग किमी का इलाका अब छोटा पड़ने लगा है।

  1. सीमित क्षेत्र: बाघों के बीच बढ़ते टकराव की मुख्य वजह जगह की कमी है।

  2. लापरवाही का ट्रेंड: यह पहली बार नहीं है जब पन्ना में बाघों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हों। पहले भी फंदे (Snares) और जहरखुरानी के मामले सामने आ चुके हैं।


सिस्टम से तीखे सवाल


खबर का सारांश

  • स्थान: कटरिया बीट, गंगऊ अभयारण्य (हिनौता रेंज के पास)।

  • स्थिति: शव 20-25 दिन पुराना, पूरी तरह क्षत-विक्षत।

  • क्षेत्र: पन्ना-मझगवां मुख्य मार्ग से 100 मीटर दूर।

  • बाघों की संख्या (PTR): लगभग 100 के आसपास।



प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

×

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram

Home

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram