Indore News :लव जिहाद फंडिंग (love jihad funding) मामले के मुख्य आरोपी अनवर कादरी को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत से रिमांड पर लेकर अपनी गिरफ्त में लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे कादरी पर इनाम घोषित था। अचानक कोर्ट में पेश होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और अब उसे 3 सितंबर तक रिमांड पर रखा गया है।

आर्थिक मदद की थी व्यवस्था
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि कादरी ने इस मामले के अन्य आरोपियों अल्ताफ और साहिल को आर्थिक मदद पहुंचाई थी। यही वजह है कि अब उसकी फंडिंग के नेटवर्क की गहन जांच हो रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अगर किसी के पास कादरी से जुड़ी संपत्ति या उसके अपराध संबंधी कोई भी जानकारी हो, तो थाने में लिखित रूप से साझा करें।
बेटी आयशा बनी थी सहारा
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कादरी की बेटी आयशा लगातार उसकी मदद कर रही थी। इंदौर पुलिस के अनुसार, कादरी नेपाल में जिन होटलों में रुका, उसका भुगतान आयशा ने दिल्ली से किया था। इतना ही नहीं, उसने पिता की गिरफ्तारी टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल करने का भी प्रयास किया था, लेकिन गिरफ्तारी से पहले यह प्रक्रिया अधूरी रह गई।
नेपाल में था छिपा, लिया नया सिम
एसीपी रुबीना मिजवानी ने बताया कि कादरी इंदौर से भागने के बाद भोपाल, फिर दक्षिण भारत होते हुए नेपाल पहुंचा। यहां उसने काठमांडू के एक होटल में ठहराव किया। अपनी लोकेशन छिपाने के लिए उसने नेपाल में अपने नाम से नया सिम लिया और पत्नी व बेटी से केवल इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स के जरिए बातचीत करता रहा।
दूसरी पत्नी फरहाना भी साथ थी
जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ कि कादरी की दूसरी पत्नी फरहाना नेपाल में उसके साथ मौजूद थी। वह इंदौर में चल रही गतिविधियों और पुलिस की हर हलचल की जानकारी कादरी तक पहुंचा रही थी। परिवार से लगातार कॉल आने और पकड़े जाने की आशंका के चलते कादरी ने पहले उसे भारत लौटा दिया था। लेकिन 19 जुलाई को फरहाना दोबारा नेपाल जाकर उससे मिली।
फन्डिंग नेटवर्क का होगा पर्दाफाश
फिलहाल पुलिस कादरी से पूछताछ कर रही है और आशंका है कि जांच में विदेशी कनेक्शन और हवाला चैनल भी सामने आ सकते हैं। कादरी के नेपाल कनेक्शन और परिवार की सक्रिय भूमिका ने जांच को और गहरा कर दिया है।







