
मुख्य बातें:
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सेना व SDRF का बड़ा रेस्क्यू: छतों पर फंसे परिवारों और तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए सेना के 2 हेलीकॉप्टर और SDRF की मोटरबोट्स तैनात की गईं।
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42 साल पुराना पुल ध्वस्त: मंदाकिनी नदी पर बना 25 फीट ऊंचा और 300 मीटर चौड़ा ऐतिहासिक पुल नदी के प्रचंड वेग में बह गया।

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400 से ज्यादा दुकानें जलमग्न: रामघाट, राघव प्रयाग घाट, नयागांव, आरोग्यधाम, जानकीकुंड और कामता क्षेत्र में 400 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गईं, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ।
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प्रमुख तीर्थस्थल प्रभावित: सती अनसूया, गुप्त गोदावरी और स्फटिक शिला जैसे प्रसिद्ध स्थलों में भी बाढ़ का पानी भर गया।
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20 घंटे रहा ब्लैकआउट: बिजली आपूर्ति ठप रहने से पूरा चित्रकूट इलाका 20 घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया हवाई और जमीनी दौरा

सड़क संपर्क टूटा, जनजीवन अस्त-व्यस्त






सीएम ने बाढ़ और जलभराव की स्थिति की समीक्षा की
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में उन्होंने रीवा और सतना जिले में बाढ़ और जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद वे रविवार को चित्रकूट पहुंचे और करीब 1 घंटे 10 मिनट तक बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित लोगों की जिंदगी पटरी पर लाने के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की वजह बताया और इसके लिए सारे रिकॉर्ड मंगाकर जरूरी कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद मुख्यमंत्री ओरछा के लिए रवाना हो गए।

1. सतना में सेमरावल नदी उफनी, सैकड़ों लोग छतों पर फंसे

सतना के बिरसिंहपुर, कोटर और कोठी क्षेत्र में सेमरावल नदी उफान पर है। कई गांवों में पानी तेजी से बढ़ने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं, जबकि कई परिवार दो मंजिला मकानों की छतों पर फंसे हुए हैं।
2. चित्रकूट में बाढ़ की 25 तस्वीरें, मंदाकिनी का रौद्र रूप

सतना-चित्रकूट में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। मंदाकिनी उफान पर है। रामघाट-भरतघाट डूब गए हैं और करीब 400 दुकानें पानी में हैं। कई सड़कों पर नाव चल रही है। घरों-होटलों में फंसे लोगों को निकालने के लिए SDRF की टीमें जुटी हैं।







