होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कहा छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीति से ऊपर

नई दिल्ली | NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और देशभर में छात्रों व सामाजिक संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

नई दिल्ली | NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और देशभर में छात्रों व सामाजिक संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

https://x.com/dpradhanbjp/status/2080938216505667663?s=20

सोशल मीडिया (X) पर दिए गए वक्तव्य के प्रमुख अंश:

  • छात्रों की आकांक्षाओं का सम्मान: उन्होंने लिखा कि वे पिछले 4 दशकों से शिक्षा सुधारों से जुड़े रहे हैं और देश के युवाओं के सपनों और न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं।

  • जवाबदेही स्वीकार की: 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत इसका संज्ञान लेकर जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और अब इसे आगामी वर्षों में CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड में कराने का फैसला लिया गया है।

  • पारदर्शिता का संकल्प: उन्होंने स्पष्ट किया कि 21 जून को पुनः आयोजित परीक्षा के पहले दिन से ही उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ली और उनका मुख्य उद्देश्य किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य को परीक्षा माफिया के हाथों बर्बाद होने से बचाना रहा।

  • इस्तीफे का कारण: उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए और किसी भी तरह के कानूनी-राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए उन्होंने पद त्यागने का फैसला किया है।

‘देश के युवाओं की गहरा सम्मान करता हूं’
उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने आगे लिखा, तीन मई 2026 को हुई नीट-यूजी की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया।

‘हम किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए ‘पूरी सरकार का समन्वित दृष्टिकोण’ के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, खासकर जिला प्रशासन की अहम भूमिका रही। उन्होंने आगे कहा, साथ ही छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने आगे लिखा, 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

×