मैहर। भाजपा की फायरब्रांड नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हिंदू मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश के मुद्दे पर बुधवार को एक बड़ा और विवादास्पद बयान दिया। मैहर धाम में माँ शारदा के दर्शन करने पहुँचीं उमा भारती ने कहा कि “हम हिंदुओं की उदारता और बल का इस्लामीकरण नहीं होने देंगे।“

उदारता को कमजोरी न समझें
प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ शारदा देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में उमा भारती ने यह बयान दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हिंदू धर्म दुनिया की सबसे श्रेष्ठ विचारधारा है, और इसकी सहजता को किसी को कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमें अपनी उदारता को बनाए रखते हुए अपनी शक्ति को भी पहचानना होगा। हमें हिन्दू धर्म का इस्लामीकरण नहीं करना है।” उमा भारती के इस बयान के गहरे राजनीतिक और सामाजिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।
जगन्नाथपुरी का दिया उदाहरण
मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्व सीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि यह प्रतिबंध केवल जगन्नाथपुरी मंदिर में ही सख्ती से लागू है। उन्होंने कहा कि मंदिरों को लेकर हिंदुओं को अपनी नीति स्पष्ट रखनी होगी।
इससे पहले, उमा भारती ने माँ शारदा के चरणों में नमन करते हुए देश में एकता, शांति और जनता के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मैहर की माँ शारदा केवल मध्य प्रदेश की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का केंद्र हैं।
दर्शन के बाद उमा भारती बड़ा अखाड़ा और ऐतिहासिक गोलामठ मंदिर भी गईं। उनके आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने फूल-मालाओं और शाल-श्रीफल से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके दौरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।







