प्रशासनिक अव्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल का खामियाजा 13 गंभीर मरीजों ने भुगता
सतना: मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल में गुरुवार को ‘वीआईपी प्रोटोकॉल’ और ‘प्रशासनिक अव्यवस्था’ के कारण 13 गंभीर मरीजों के निर्धारित ऑपरेशन टालने पड़े। यह स्थिति पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के चित्रकूट प्रवास के दौरान उत्पन्न हुई, जब अस्पताल के एक प्रमुख ऑपरेशन थियेटर (ओटी) को आपातकालीन स्थिति के लिए आरक्षित कर दिया गया।
प्रमुख समस्याएँ:
- OT रिजर्व: प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था के तहत एकमात्र काम करने वाले मेजर ओटी को रिजर्व कर दिया।
- मशीन खराब: अस्पताल की दूसरी मेजर ओटी की एनेस्थीसिया मशीन पहले से ही खराब पड़ी थी, जिसका उपयोग मेटरनिटी विंग में अस्थाई रूप से किया गया था।
इन दोहरी मजबूरियों के चलते, सर्जरी विभाग को दिनभर के सभी निर्धारित ऑपरेशन स्थगित करने पड़े।
इंतजार हुआ लंबा:
जिन 13 मरीजों की सर्जरी टली, वे हर्निया, अपेंडिक्स और पित्ताशय से जुड़ी सामान्य सर्जरी के लिए पिछले 10 से 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और अपनी बारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। ऑपरेशन स्थगित होने से मरीजों और उनके परिजनों में गहरी निराशा और आक्रोश है। परिजनों ने प्रशासन की वीआईपी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और आम मरीजों के इलाज को लटकाने की नीति पर सवाल उठाए हैं। अब इन मरीजों को फिर से सर्जरी की नई तारीख के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
HOD ने लिखा पत्र:
शासकीय मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के HOD डॉ. अनुराग जैन ने इस पूरे गतिरोध की लिखित जानकारी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को दी है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि एनेस्थीसिया मशीन की खराबी और वीआईपी मूवमेंट के कारण ओटी रिजर्व होने से सर्जरी नहीं हो सकी। उन्होंने सिविल सर्जन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और मशीन की मरम्मत कराने की मांग की है।








