सतना (मध्य प्रदेश)। सतना जिले के कोठी कस्बे में सोमवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक किराए के कमरे में एक महिला और उसके रिश्ते के जीजा की लाश एक ही फंदे पर लटकी मिली। इस घटना ने हत्या, प्रेम संबंध और आत्महत्या की एक जटिल कहानी को उजागर कर दिया है।
4 साल के बेटे के रोने से खुला राज
यह खौफनाक मंजर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कोठी के गढ़ी मोहल्ले में सामने आया। मृतक महिला की पहचान नेहा द्विवेदी के रूप में हुई है, जो अपने 4 साल के बेटे के साथ किराए के कमरे में रहती थी और ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। उसका पति कभी-कभार ही आता था।
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शक की शुरुआत: पड़ोसियों को तब शक हुआ जब उन्होंने घर से बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनी और घर में आवारा मवेशियों को घुसते देखा।
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ननद ने खोला दरवाजा: उन्होंने तुरंत नेहा की ननद (जो इलाज के लिए सतना में थीं) को फोन किया। जब ननद घर पहुंची और दरवाजा खोला, तो आंगन में टीनशेड के पास नेहा और रिश्तेदार रोहित मिश्रा एक ही फंदे पर लटके हुए मिले।
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दोनों की मौत: फंदा काटकर दोनों को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
उलझा हुआ रिश्ता और पुरानी शिकायत
पुलिस जांच में मृतक रोहित मिश्रा और नेहा के बीच एक उलझा हुआ रिश्ता सामने आया है। रोहित, नेहा की ननद का देवर था, जो रिश्ते में नेहा का जीजा लगता था।
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पहले थी शिकायत: पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले रोहित नेहा को परेशान कर रहा था, जिस पर नेहा ने कोठी थाने में उसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी।
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शिकायत वापसी: हालांकि, कुछ ही दिनों बाद नेहा ने यह शिकायत वापस ले ली और पुलिस को लिखित में दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती। इसके बाद, दोनों के बीच संबंध मधुर हो गए थे और उन्हें अक्सर साथ देखा जाता था।
ससुर की हत्या में आरोपी थी नेहा
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू नेहा का आपराधिक इतिहास है।
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हत्या का आरोप: नेहा पर 3 जून 2023 को अपने 65 वर्षीय ससुर चंद्रभान द्विवेदी की हत्या का आरोप था।
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जमानत पर बाहर: इस मामले में वह छह महीने जेल में रहने के बाद हाल ही में जमानत पर बाहर आई थी। तब नेहा ने बचाव में कहा था कि ससुर ने उस पर हमला किया था और उसने आत्मरक्षा में डंडे से वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस कर रही है गहन जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ थाना प्रभारी और प्रशिक्षु डीएसपी आशुतोष त्यागी मौके पर पहुंचे। जिला मुख्यालय से वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों को भी बुलाया गया।
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प्राथमिक अनुमान: पुलिस को प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं है।
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जांच के एंगल: पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है।
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सबूत जुटाए गए: मोबाइल फोन जांच के लिए कब्जे में ले लिए गए हैं। दोनों शवों को जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जहां आज मंगलवार को उनका पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।
पुलिस मामले पर आगे की जांच कर रही है ताकि इस जटिल मौत की गुत्थी को सुलझाया जा सके।








