सतना, मध्य प्रदेश। शहर के सबसे आकर्षक और मॉडल प्रोजेक्ट कहे जाने वाले संतोषी माता तालाब की मौजूदा तस्वीर ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 8.18 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तैयार किए गए इस तालाब परिसर में खुलेआम गांजे के हरे-भरे पौधे उग आए हैं।
करोड़ों की लागत, नशे का अड्डा
- 8.18 करोड़ रुपये खर्च करके तालाब परिसर को मॉडल प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित किया गया था।
- स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब के आसपास गांजे के तीन बड़े पौधे कई दिनों से दिखाई दे रहे हैं।
- लोगों ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि अब यह तालाब घूमने या पूजा के लिए नहीं, बल्कि “नशे के अड्डे” की तरह नजर आ रहा है।
छठ पूजा में हुई थी तारीफ, पर किसी की नहीं पड़ी नज़र
आश्चर्य की बात यह है कि कुछ ही दिन पहले छठ पूजा के मौके पर इसी तालाब परिसर में नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
- उन्होंने तालाब की सुंदरता की जमकर तारीफ की और तस्वीरें भी खिंचवाईं थीं।
- इतने बड़े आयोजन और इतने लोगों की मौजूदगी के बाद भी गांजे के पौधे किसी की नजर में नहीं आए, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ पर सवाल
एक ओर पुलिस प्रशासन पूरे जिले में ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत नशे के खिलाफ सघन अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर:
- शहर के बीचोंबीच, एक सार्वजनिक और मॉडल स्थल पर गांजे का उगना प्रशासनिक लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन गया है।
- करोड़ों के प्रोजेक्ट की ऐसी अनदेखी से जनता में गहन रोष व्याप्त है।








