सतना (मध्य प्रदेश): सतना जिले के मझगवां थाने में उस वक्त अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक बिन बुलाए, जहरीले ‘नागराज’ ने दस्तक दे दी। थाने के अंदर सांप की फुफकार सुनते ही अपराधियों के छक्के छुड़ाने वाली खाकी वर्दी के पसीने छूट गए, और चंद सेकंड में पूरा थाना खाली हो गया—नागराज अंदर और पुलिसकर्मी बाहर!
फुफकार सुनते ही मचा हड़कंप
यह घटना उस समय हुई जब मझगवां थाने में रोजमर्रा का कामकाज चल रहा था। अचानक किसी कोने से तेज फुफकार सुनाई दी। जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और फरियादियों की नजर फुफकार की दिशा में पड़ी, तो एक विषैला सर्प फन फैलाए बैठा था।
सांप की मौजूदगी और उसकी दहशत के कारण पुलिसकर्मियों ने कोई जोखिम नहीं लिया। सभी आनन-फानन में अपनी कुर्सी-टेबल छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागे। चंद मिनटों के लिए, अपराधियों को पकड़ने वाला थाना, सांप की दहशत से खाली हो गया।
‘मित्र’ विनोद पाण्डेय ने किया सफल रेस्क्यू
स्थिति की गंभीरता और स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए, पुलिस ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही, वन विभाग की रेस्क्यू टीम के विशेषज्ञ विनोद पाण्डेय अपने सहयोगी के साथ तत्काल थाने पहुंचे।
विनोद पाण्डेय ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले लोगों की आवाजाही रोकी और पुलिसकर्मियों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। कुछ ही मिनटों की सांस थाम देने वाली मशक्कत के बाद, उन्होंने उस जहरीले सांप को सावधानी और सूझबूझ के साथ सुरक्षित काबू में कर लिया।
जंगल में छोड़ा गया, तब मिली राहत
सांप के पकड़ में आते ही थाने में मौजूद पुलिस स्टाफ और आम नागरिकों की जान में जान आई। पुलिस अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई के लिए वन विभाग की टीम का आभार जताया। बाद में, वन विभाग की टीम ने सांप को ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने इस घटना के बाद आमजन से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या सर्पमित्रों को सूचना दें।








