सतना (मध्य प्रदेश):सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला करने वाले बदमाशों की हेकड़ी 48 घंटे के भीतर ही निकल गई। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों का उसी इलाके में जुलूस निकाला, जहां उन्होंने गुरुवार रात आतंक मचाया था। हाथों में हथकड़ी और चेहरे पर खौफ लिए ये बदमाश जनता के सामने गिड़गिड़ाते नजर आए।
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क्या थी पूरी घटना?
गुरुवार रात नई बस्ती इलाके में नशे में धुत कुछ युवकों ने एक कार सवार को रोककर उसके साथ मारपीट और लूटपाट की कोशिश की थी।
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पुलिस पर हमला: जब एएसआई उमेश पांडेय और एक आरक्षक मौके पर पहुंचे, तो बदमाशों ने उन पर ही हमला बोल दिया।
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पीछे हटी पुलिस: स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि जब अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचा, तो आरोपियों ने छतों से ईंट-पत्थर बरसाए, जिसके चलते पुलिस को पीछे हटना पड़ा था।
आधी रात को सर्च ऑपरेशन और गिरफ्तारी
पुलिस टीम पर हुए इस हमले को टीआई सुदीप सोनी ने गंभीरता से लिया। पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को दबोच लिया:
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पवन कुशवाहा (18 वर्ष)
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हरिकृष्ण यादव (25 वर्ष)
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प्रशांत सिंह (20 वर्ष)
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एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग)
सरेआम निकाला जुलूस, लंगड़ाते हुए चले बदमाश
शनिवार शाम कोलगवां पुलिस ने इन आरोपियों को उसी नई बस्ती इलाके में ले जाकर पैदल घुमाया।
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खौफ का अंत: जो बदमाश दो दिन पहले पत्थर मार रहे थे, वे अब लंगड़ाते हुए चल रहे थे और बार-बार “पुलिस हमारी बाप है, अपराध करना पाप है” और “साहब गलती हो गई” के नारे लगा रहे थे।
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उद्देश्य: पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई का मकसद आम जनता के मन से अपराधियों का डर निकालना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है।
दो FIR और 7 अन्य की तलाश
पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं:
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पहली FIR: कार चालक की शिकायत पर लूट और अड़ीबाजी का मामला।
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दूसरी FIR: पुलिस पर जानलेवा हमले को लेकर ‘हत्या के प्रयास’ (IPC 307) की धाराएं।
पुलिस ने बताया कि इस कांड में शामिल 7 अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।








