सतना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सतना हवाई अड्डे के विस्तार की कवायद तेज हो गई है। विस्तार के लिए चिन्हित जमीनों से अवैध कब्जों को हटाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में, एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के सतना और भोपाल एयर पोर्ट डायरेक्टर को पत्र लिखकर अतिक्रमण अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।
क्यों पड़ी अतिक्रमण अधिकारी की ज़रूरत?
- कानूनी बाधा: एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जमीन होने के कारण नगर निगम और राजस्व विभाग सीधे इन कब्जों को नहीं हटा सकते हैं।
- एएआई अधिनियम का उपयोग: एसडीएम ने बताया है कि एएआई अधिनियम की धारा 28बी के तहत अतिक्रमण अधिकारी नियुक्त किया जाता है, जो धारा 28सी के तहत बेदखली का नोटिस जारी करता है, धारा 28डी के तहत बेदखली आदेश पारित करता है, और धारा 28एफ के जरिए अवैध निर्माण हटवाता है।
- उद्देश्य: हवाई अड्डा परिसर से अवैध कब्जों को बेदखल करना, अवैध निर्माण हटाना और हर्जाने की वसूली करना।
महापौर सहित 70 लोगों को नोटिस जारी
हवाई अड्डे की जिन जमीनों को विधि विपरीत निजी कर दिया गया था, उन्हें वापस शासकीय (सरकारी) करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुरुआती चरण में 20 एकड़ जमीन को शासकीय किया जाएगा।
नोटिस तामील किए जाने वाले प्रमुख लोगों/संस्थानों में शामिल हैं:
- महापौर योगेश ताम्रकार
- विंध्या बोर्ड प्रा. लि. सतना द्वारा डायरेक्टर
- आनंद कुमार गुप्ता, हेमलता कापड़ी, मणि नागदेव, कोमल नागदेव, नितिन वाधवानी, मीनू पुरस्वानी, दीपक सोईं, प्रेरणा सिंह पत्नी राजकिशोर सिंह, संजय जैन पिता मदनलाल, मनीषा जैन पिता मदनलाल आदि।
- ग्राम कोलगवां में कैलाश कुमार गुप्ता, सागर चंद्र, पुरुषोत्तमदास, विजय कुमार, अजय कुमार, सुभाषचंद्र गुप्ता, ऊषा गौतम, रामानुज गुप्ता, तुलसी देवी, नितेश कुमार गुप्ता, ऊषा टमानी, रीता कुशवाहा, रामकिशोर मिश्रा, किरण शर्मा, गुलाबकली, राजधर शुक्ला, सरोज कुमार, विवेक गुप्ता, संजीव कुमार गुप्ता, रामलखन गुप्ता, भोला प्रसाद गुप्ता, सुरेश आदि।
- हरिजन छात्रावास
यह कार्रवाई सतना में हवाई पट्टी के विस्तार के लिए मास्टर प्लान की जमीनों से अवैध कब्जा हटाने के निर्णय के बाद की जा रही है, जो बीते माह भोपाल में आयोजित एक विशेष बैठक में लिया गया था।








