सतना: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल (Satna District Hospital) से एक चौंकाने वाला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन ने पुरुष सर्जिकल वार्ड-1 के शौचालय को बंद कर दिया है और वहाँ बाकायदा नोटिस चस्पा कर दिया गया है कि पुरुष मरीज वार्ड नंबर-5 (महिला सर्जिकल वार्ड) में बने शौचालय का उपयोग करें।
नोटिस और अजीबोगरीब फरमान
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वार्ड बंद: वार्ड क्रमांक-1 (पुरुष सर्जिकल वन वार्ड) का शौचालय खराब होने के कारण उस पर ताला जड़ दिया गया है।
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आदेश: चस्पा किए गए नोटिस में पुरुष मरीजों को बगल के वार्ड नंबर-5 (महिला सर्जिकल वार्ड) के शौचालय का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।
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प्रबंधन का तर्क: प्रभारी आरएमओ अखिलेश खरे ने बताया कि नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चालू होने के कारण ड्रेनेज सिस्टम पर मलबा गिर गया है, जिससे बाथरूम काम नहीं कर रहा है। मलबा हटने के बाद जल्द ही शौचालय चालू कर दिया जाएगा।
मरीजों की गरिमा और परेशानी
प्रबंधन के इस फैसले ने अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की गरिमा दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
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सर्जिकल मरीजों की फजीहत: सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज अक्सर गंभीर हालत में होते हैं या उनके ऑपरेशन हुए होते हैं। ऐसे में उन्हें बिस्तर से उठकर दूसरे, महिला वार्ड तक जाने में असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।
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गरिमा और असहजता:
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पुरुष मरीज शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। मरीज दिवाकर सिंह ने बताया कि दो लोगों को पकड़कर महिला वार्ड में शौचालय जाने से झिझक होती है।
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महिला वार्ड में पुरुषों की आवाजाही से वहाँ भर्ती महिला मरीजों और उनके परिजनों को भी अत्यधिक असहजता हो रही है और मर्यादा का सवाल खड़ा हो गया है।
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प्रबंधन के इस फैसले पर मरीजों और उनके परिजनों ने नाराजगी व्यक्त की है और जल्द से जल्द इस अव्यवस्था को सुधारने की मांग की है।








