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मैहर में मौसम का ‘रौद्र रूप’: दोपहर में छाया अंधेरा, डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश से सड़कें बनीं समंदर; अमरपाटन में नगर परिषद की लापरवाही से गरीब का आशियाना डूबा

मैहर/अमरपाटन |मैहर जिले सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली। दोपहर करीब ढाई बजे आसमान ...

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| सतना टाइम्स

मैहर/अमरपाटन |मैहर जिले सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली। दोपहर करीब ढाई बजे आसमान में काले-घने बादलों का ऐसा डेरा जमा कि दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। इसके बाद शुरू हुई तेज आंधी और डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश ने जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं दूसरी तरफ अमरपाटन और सतना अंचल के जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज आंधी के कारण कई इलाकों की बत्ती गुल हो गई, वहीं अमरपाटन नगर परिषद की नाला सफाई के दावों की भी पहली ही बारिश में धज्जियां उड़ गईं।

खास बातें:

  • दिन में जलाना पड़ा हेडलाइट: दोपहर 2:30 बजे छाए घने अंधेरे के कारण सड़कों पर रेंगते वाहनों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।

  • सड़कों पर समंदर सा नजारा: मैहर के अमरपाटन, गांधी चौक और सतना चौराहा की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे राहगीर और दुकानदार परेशान रहे।

  • गरीब के आशियाने पर आफत: अमरपाटन के पड़क्का मोहल्ले में एक कच्चे मकान के भीतर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे अनाज और गृहस्थी का भारी नुकसान हुआ है।

  • अफसरों का संवेदनहीन रवैया: पीड़ित महिला का आरोप— पहले शिकायत करने पर अधिकारियों ने कहा था कि ‘जब बारिश होगी तब देखेंगे।’

अमरपाटन और सतना चौराहे पर जलभराव, थम गई रफ्तार

अचानक बदले मौसम के बाद हुई तेज आंधी और झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम तो सुहावना हो गया, लेकिन जलभराव ने नगर की सूरत बिगाड़ दी। मैहर जिले के अमरपाटन और सतना के गांधी चौक व सतना चौराहा में मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से वाहनों के पहिए थम गए। लोग बारिश और आंधी से बचने के लिए बाजारों में दुकानों और छज्जों के नीचे छिपने को मजबूर दिखे।

अमरपाटन के पड़क्का मोहल्ले में हाहाकार: आशियाने में घुसा पानी, रो पड़ी गीता साकेत

प्रशासनिक दावों की सबसे बदसूरत तस्वीर अमरपाटन के पड़क्का मोहल्ले (बिजली ऑफिस के पास) में देखने को मिली। यहाँ सड़क किनारे रहने वाली गीता साकेत (पति भगवान दीन साकेत) के कच्चे मकान के अंदर घुटनों तक गंदा पानी भर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा भरभरा कर ढह गया। घर के अंदर रखा पूरा अनाज, कपड़े और गृहस्थी का जरूरी सामान पानी में तैरने लगा, जिसे पीड़ित परिवार रोते-रोते बाहर निकालता हुआ नजर आया।

“मैंने नाली और पानी के भराव को लेकर कई बार नगर परिषद अमरपाटन में लिखित शिकायत की, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी हमारी सुध नहीं ली। जब हम शिकायत लेकर जाते थे, तो वहां बैठे साहब लोग हंसते हुए कहते थे कि ‘जब बारिश होगी तब देखेंगे।’ आज उनके ‘देखने’ के चक्कर में मेरा घर उजड़ गया, मेरा पूरा अनाज सड़ गया।”

गीता साकेत, पीड़ित महिला (पड़क्का मोहल्ला, अमरपाटन)

तेज आंधी से कई जगह गिरे पेड़, बिजली गुल

करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मूसलाधार बारिश के साथ आई तेज आंधी के कारण ग्रामीण और शहरी अंचल में कई जगहों पर पेड़ और टहनियां टूटने की खबर है। सुरक्षा के लिहाज से और तकनीकी खराबी के चलते अमरपाटन सहित कई ग्रामीण फीडरों की बिजली पूरी तरह बंद कर दी गई, जिससे लोग उमस से बेहाल भी नजर आए। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 24 घंटों में विंध्य के इस अंचल में ऐसी ही तेज बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें