नई दिल्लीः ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग भारत की यात्रा पर हैं। भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ 16वीं ‘विदेश मंत्री फ्रेमवर्क वार्ता’ की सह-अध्यक्षता करने के लिए बुधवार शाम नई दिल्ली पहुंचीं। पेन्नी वोंग के साथ बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी के पांच साल पूरे होने पर हमारे रिश्तों की गर्मजोशी और सहज सहयोग सबके सामने है।
जयशंकर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा और कौशल, शोध और नवाचार, विज्ञान और तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा सहित हर क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है।
इन क्षेत्रों में तेजी से हुआ विस्तार
जयशंकर ने कहा कि व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा और कौशल, शोध और नवाचार, विज्ञान और तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा सहित हर क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। सबसे अधिक मजबूती लोगों के बीच बढ़ते आपसी संबंधों से आई है।
दोनों देशों की साझेदारी पर क्या बोले विदेश मंत्री
जयशंकर ने कहा कि हमारी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की दृष्टि और नेतृत्व की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक हमारे लिए अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करने और रिश्तों के अगले चरण की दिशा तय करने का महत्त्वपूर्ण मौका है। बैठक से निकलने वाली सिफारिशें दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच होने वाली आगामी बातचीत में अहम भूमिका निभाएंगी।
भारत-ऑस्ट्रेलिया ज्यादा करीब
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया और भारत आज पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। हमारी साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है, हमारे लिए भी और पूरे क्षेत्र के लिए भी, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होती जा रही है।’ उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा भारत–ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल के महीनों में हुए लगातार उच्चस्तरीय संवाद की रफ्तार को आगे बढ़ाती है और यह अल्बानीज सरकार की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाया जाए और साझा क्षमताओं और लचीलापन को बढ़ाया जाए।








