सतना (मध्य प्रदेश):कोलगवां पुलिस ने माधवगढ़ इलाके में हुई एक खौफनाक लूट और जानलेवा हमले की गुत्थी को मात्र 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक महिला का पड़ोसी ही निकला, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
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नदी किनारे मंदिर पर बना ‘डेथ प्लान’
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि 8 जनवरी की रात करीब 11 बजे आरोपी इन्द्रजीत उर्फ छोटू, उदय द्विवेदी और प्रांशू उर्फ अल्लू मड़फा मंदिर के पास नदी किनारे बैठकर गांजा और सिगरेट पी रहे थे। नशे की हालत में उदय ने अपने घर के सामने रहने वाली बुजुर्ग महिला देवमनी सोनी के घर चोरी करने का प्रस्ताव रखा, क्योंकि वे वहां अकेली रहती थीं।
पहचाने जाने के डर से किया जानलेवा हमला
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वारदात: रात 2 बजे तीनों आरोपी ताला तोड़कर घर में घुसे। आहट सुनकर जब बुजुर्ग महिला की नींद खुली, तो उन्होंने सामने रहने वाले उदय को पहचान लिया।
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बर्बरता: पकड़े जाने के डर से तीनों आरोपियों ने वृद्धा पर हमला कर दिया। उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया ताकि वे चिल्ला न सकें। इसके बाद लोहे की रॉड (सरिया) और चाकू से उनके सिर, माथे और पेट पर तब तक वार किए गए जब तक वे बेहोश नहीं हो गईं।
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लूट: आरोपी महिला को मरा हुआ समझकर सोने के दो मंगलसूत्र, चांदी की पायल और बाजूबंद लूटकर फरार हो गए।
सुबह भतीजे ने देखा मंजर
9 जनवरी की सुबह जब महिला का भतीजा बृजकिशोर सोनी वहां से गुजरा, तो ताला टूटा देख दंग रह गया। अंदर कमरे में देवमनी सोनी खून से लथपथ और बेहोश पड़ी थीं। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और उन्हें अस्पताल भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
24 घंटे में खुलासा: रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
कोलगवां पुलिस ने शक के आधार पर जब उदय और उसके साथियों को हिरासत में लिया, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटा गया सामान (मशरुका) बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ अब डकैती के साथ-साथ ‘हत्या के प्रयास’ (धारा 307) जैसी संगीन धाराओं में मामला चलाया जाएगा।
अपराध का सारांश:
| विवरण | जानकारी |
| आरोपी | इन्द्रजीत, उदय द्विवेदी (पड़ोसी) और प्रांशू |
| प्रेरणा | गांजे का नशा और लालच |
| हथियार | लोहे की रॉड और चाकू |
| लूटा गया माल | सोने के मंगलसूत्र, चांदी की पायल व बाजूबंद |








