रीवा। विंध्य क्षेत्र का केंद्र बिंदु रीवा अब केवल सफेद बाघों और सोलर लाइट के लिए नहीं, बल्कि भारी औद्योगिक निवेश के लिए भी जाना जाएगा। टाटा एनर्जी ने रीवा में 28 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ 1000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाला पावर प्लांट लगाने का मेगा प्लान तैयार किया है। हाल ही में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी गई है।

न्यूज़ हेडलाइंस
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ऐतिहासिक निवेश: टाटा एनर्जी द्वारा ₹28,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश, जो रीवा की अर्थव्यवस्था को बदल देगा।
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रोजगार की बौछार: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 5,000 स्थानीय युवाओं को मिलेगी नौकरी।
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लैंड अलॉटमेंट: एमपीआईडीसी (MPIDC) द्वारा 169 हेक्टेयर भूमि चिन्हित, आवंटन प्रक्रिया तेज।
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क्लीन एनर्जी: भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अत्याधुनिक और प्रदूषण रहित तकनीक पर आधारित होगा प्लांट।
क्यों चुना गया रीवा?
रीवा की बदलती तस्वीर ने बड़े निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है:
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एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी: रीवा एयरपोर्ट के शुरू होने से राष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी बढ़ी है।
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बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर: रेल, सड़क और जल संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता।
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सरकार की नीति: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ‘इन्वेस्टर फ्रेंडली’ नीतियों और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के प्रयासों का असर।
मैहर में भी मचेगी धूम: बनेगा नया इंडस्ट्रियल पार्क
रीवा के साथ-साथ पड़ोसी जिले मैहर के अमझर क्षेत्र में भी औद्योगिक विकास की तैयारी है:
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लोकेशन: रीवा एयरपोर्ट से मात्र 30 मिनट की दूरी पर स्थित।
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प्रस्ताव: 170 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक पार्क, जिसमें 50 से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां स्थापित होंगी।
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योजना: केंद्र की “भारत औद्योगिक विकास योजना” के तहत इस प्रोजेक्ट को विकसित किया जा रहा है।
पलायन पर लगेगी रोक, युवाओं को मिलेगा मौका
रीवा से हर साल हजारों युवा रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन करते हैं। टाटा एनर्जी के इस प्रोजेक्ट से तकनीकी, मैनेजमेंट और निर्माण क्षेत्र में हजारों अवसर पैदा होंगे। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के अनुसार, यह प्रोजेक्ट न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपने ही घर में सम्मानजनक करियर बनाने का मौका देगा।
खबर का सारांश
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प्रोजेक्ट: टाटा एनर्जी पावर प्लांट।
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कुल निवेश: ₹28,000 करोड़।
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क्षमता: 1000 मेगावाट+।
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रोजगार: 5,000 (अनुमानित)।
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भूमि: 169 हेक्टेयर (आवंटित प्रक्रिया में)।








