सोशल मीडिया पर ‘फेमस’ होने का जुनून अक्सर लोगों को कानून की चौखट तक पहुँचा देता है। ताजा मामला रायपुर-लखनऊ गरीब रथ एक्सप्रेस का है, जहाँ रील बनाने के चक्कर में तीन युवकों ने रेलवे की चादर ओढ़कर ऐसी हरकत की कि अब उन्हें आरपीएफ (RPF) के चक्कर काटने पड़ेंगे। सतना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में हुई इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
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क्या है पूरा मामला?
घटना गुरुवार रात करीब 9 बजे की है, जब ट्रेन संख्या 12536 (गरीब रथ एक्सप्रेस) सतना पहुँचने वाली थी:
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रास्ता रोका: कोच G-1 (थर्ड एसी) में बर्थ नंबर 16 के पास एक युवक ने रेलवे की सफेद चादर सिर पर ओढ़ ली और गैलरी के बीचों-बीच डांस शुरू कर दिया।
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तिकड़ी का डांस: कुछ ही देर में उसके दो अन्य साथी भी उसी चादर के भीतर घुस गए। करीब दो मिनट तक तीनों बीच रास्ते में नाचते रहे, जिससे यात्रियों का निकलना दूभर हो गया।
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रिकॉर्डिंग: उनके साथ मौजूद महिला साथी इस पूरी हरकत का वीडियो बना रही थी ताकि इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया जा सके।
सहयात्रियों ने सिखाया सबक
युवकों की इस बचकानी हरकत से कोच में मौजूद परिवार और बुजुर्ग काफी परेशान हुए। जब मना करने पर भी वे नहीं माने, तो:
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यात्रियों ने खुद अपने मोबाइल से इन ‘रीलबाजों’ का वीडियो बना लिया।
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शुक्रवार को यह वीडियो और लिखित शिकायत रेलवे अधिकारियों को भेज दी गई।
आरपीएफ (RPF) की कार्रवाई और धाराएं
सतना आरपीएफ पोस्ट प्रभारी वीके यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
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धारा 145: तीनों अज्ञात युवकों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 145 (नशा करना या उपद्रव करना/यात्रियों को असुविधा पहुँचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पहचान की कोशिश: पुलिस अब कोच के चार्ट, टिकट डिटेल्स और वीडियो फुटेज के आधार पर इन रीलबाजों की तलाश कर रही है।
रेलवे में रील बनाना कब बन जाता है अपराध?
| स्थिति | परिणाम |
| रास्ता रोकना | यात्रियों की आवाजाही बाधित करना कानूनी अपराध है। |
| रेलवे संपत्ति का दुरुपयोग | चादर, तकिया या अन्य सामान का रील के लिए गलत इस्तेमाल वर्जित है। |
| असुविधा पहुँचाना | शोर मचाना या उपद्रव करना गिरफ्तारी का कारण बन सकता है। |
| रेलवे एक्ट 145 | इसके तहत जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। |








