जबलपुर/भोपाल: विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जानकारी दी कि क्षमता से अधिक खनिज उत्खनन और जीएसटी चोरी के आरोप में विधायक से जुड़ी तीन कंपनियों से करीब ₹443 करोड़ की राशि वसूलने के लिए शिकंजा कसा गया है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री का जवाब
कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने विधानसभा में सवाल उठाया था कि सिहोरा तहसील की तीन कंपनियों—मेसर्स आनंद माइनिंग कार्पोरेशन, मेसर्स निर्मला मिनरल्स, और मेसर्स पैसिफिक एक्सपोर्ट—द्वारा स्वीकृत मात्रा से अत्यधिक अतिरिक्त उत्पादन करने और ₹1000 करोड़ की राशि जमा नहीं करने के संबंध में शिकायतें की गई थीं।
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जांच रिपोर्ट: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित जवाब में बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा गठित जांच दल के प्रतिवेदन के अनुसार, ₹443 करोड़ चार लाख 86 हजार 890 रुपये एवं तद्नुसार जीएसटी की राशि वसूली का जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।
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वसूली की कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने बताया कि इस राशि को ब्याज सहित जमा कराने और अपना पक्ष रखने के लिए जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा इन कंपनियों को 10 नवंबर 2025 को पत्र जारी किया गया है।
विधायक ने मांगा अतिरिक्त समय
कलेक्टर जबलपुर ने खनिज विभाग के माध्यम से विधायक संजय पाठक से जुड़ी इन कंपनियों को नोटिस जारी किया था, जिसके बाद:
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जवाब: विधायक संजय पाठक ने विभाग से नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।
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विभाग का रुख: मुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग उन्हें अतिरिक्त समय देने जा रहा है। नोटिस का जवाब न देने की स्थिति में राशि वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
हाई कोर्ट में आया था नया मोड़
इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया था जब जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक जज ने खुद को केस से अलग कर लिया था।
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जज का आरोप: जज ने आरोप लगाया था कि विधायक संजय पाठक ने इस केस को लेकर उनसे फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की थी।
फिलहाल, इस मामले में विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों पर जल्द ही बड़ी वसूली की कार्रवाई होने की संभावना है।









