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विधायक बनते ही बनीं मंत्री, अब फैमिली में गांजा स्मगलिंग का ‘नेटवर्क’: सवाल पर तुनकने वालीं प्रतिमा बागरी कौन?

सतना : राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी (नगरीय विकास एवं आवास) एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। उनके भाई को गांजा ...

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| सतना टाइम्स

सतना : राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी (नगरीय विकास एवं आवास) एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। उनके भाई को गांजा तस्करी में गिरफ्तार किया गया है, और उनके जीजा पहले से ही उत्तर प्रदेश की जेल में बंद हैं। इस गंभीर पारिवारिक विवाद के बीच, मंत्री सवालों का जवाब देने के बजाय मीडिया पर झल्ला रही हैं।

कौन हैं मंत्री प्रतिमा बागरी?

विवरण जानकारी
वर्तमान पद राज्य मंत्री (डॉ. मोहन यादव कैबिनेट में सबसे युवा मंत्री)
विधानसभा क्षेत्र रैगांव (सतना जिला)
शिक्षा मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) और कानून (Law) की डिग्री।
छवि ‘फायरब्रांड’ और तेज-तर्रार प्रशासक की।
राजनीतिक सफर ज़मीनी कार्यकर्ता से शुरू किया। भाजपा महिला मोर्चा में महामंत्री, सतना भाजपा जिला संगठन मंत्री रहीं।
विधायक का सफर 2021 उपचुनाव में हारीं, लेकिन 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कल्पना वर्मा को 36,000 से अधिक वोटों से हराकर पहली बार विधायक बनीं।

‘स्वच्छ छवि’ को लगा बड़ा झटका

प्रतिमा बागरी ने अपनी ‘सख्त और स्वच्छ’ प्रशासक की छवि बनाने के लिए मंत्री बनने के बाद कई जगह औचक निरीक्षण किए और अधिकारियों को फटकार लगाई। हालांकि, उनके भाई और जीजा की करतूतों ने उनकी राजनीतिक साख पर बट्टा लगा दिया है:

  • भाई की गिरफ्तारी: सतना पुलिस ने मंत्री के सगे भाई अनिल बागरी को उसके पार्टनर के साथ 46 किलो गांजा तस्करी करते गिरफ्तार किया है। अनिल को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

  • जीजा का नेटवर्क: अनिल का जीजा शैलेंद्र सिंह ‘सोम्मु’ (मंत्री की बहन का पति) पहले से ही गांजा तस्करी के आरोप में यूपी की जेल में बंद है। यह नेटवर्क एमपी से यूपी तक गांजा तस्करी का कारोबार चला रहा था।

सवालों पर भड़कीं मंत्री

भाई की गिरफ्तारी के बाद पहली बार खजुराहो में मीडिया का सामना करते हुए, मंत्री प्रतिमा बागरी अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाईं:

  • सवाल पर तुनकना: मीडियाकर्मियों ने जैसे ही उनके भाई की गांजा तस्करी में गिरफ्तारी पर सवाल किया, मंत्री ने तल्ख लहजे में कहा, “जबरदस्ती की बात क्यों करते हो तुम लोग?”

  • दूसरा बयान (पलटना): मंगलवार को इस मामले पर एक और बयान देते हुए, मंत्री ने अपनी रिश्तेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मीडिया अपने आप से रिश्तेदारी बना देती है। मेरा अनुरोध है कि पहले आप उसकी पुष्टि कर लें। उसके तथ्यों की जानकारी के बाद ही बात करें।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आरोपी अनिल बागरी उनका भाई है या नहीं।

विपक्ष ने इसे मोहन सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा बना लिया है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें