नई दिल्ली: लाल किले के पास हुए बम विस्फोट के बाद देश की राजनीति में गर्माहट आ गई है। पहली बार विपक्ष इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर आक्रामक नज़र आ रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस आतंकी कृत्य के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने विस्फोट को ‘सरकार की विफलता’ करार दिया और बुधवार को मांग की कि साजिशकर्ताओं को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
खरगे के आरोप और मांग
- सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल: खरगे ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रीय राजधानी में यह घटना हुई, जहाँ खुफिया ब्यूरो सहित सभी शीर्ष सुरक्षा एजेंसियां काम करती हैं।
- सरकार विफल: उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में इन सभी एजेंसियों की उपस्थिति के बावजूद, सरकार विफल रही है।
- निष्पक्ष जाँच की मांग: राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने सरकार से विस्फोट की निष्पक्ष जाँच के साथ इसके साजिशकर्ताओं को कड़ी सज़ा दिलाने की मांग की है।
- NIA को सौंपा मामला: उन्होंने जानकारी दी कि अब यह मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दिया गया है। खरगे ने कहा, “जांच रिपोर्ट आने दीजिए। संसद का सत्र एक दिसंबर से शुरू होगा। उसके बाद हम देखेंगे।“
संसद की स्थायी समिति में भी उठा मुद्दा
- संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति की बुधवार को हुई बैठक में भी लाल किले के निकट हुए विस्फोट का विषय उठाया गया।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद ने यह मुद्दा उठाया और कथित खुफिया विफलता पर चिंता व्यक्त की।
- हालांकि, सूत्रों के अनुसार, समिति के अध्यक्ष ने इस संवेदनशील मामले पर चर्चा से इनकार कर दिया।
बिहार चुनाव नतीजों का इंतज़ार
राजनीतिक चर्चा के दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार चुनाव के नतीजों पर भी टिप्पणी की।
- उन्होंने एग्जिट पोल के दावों (जिनमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत और महागठबंधन के लिए निराशाजनक नतीजे दिखाए गए) का हवाला दिया।
- खरगे ने याद दिलाया कि हरियाणा के एग्जिट पोल में कांग्रेस को बढ़त दिखाई गई थी, लेकिन नतीजे उलट आए थे।
- उन्होंने कहा, “इसलिए, हमें 14 नवंबर तक इंतजार करना चाहिए, जब नतीजे आएंगे।”








