Satna News : बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक विवादित बयान को लेकर शुक्रवार को सतना में कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया है। इस दौरान मंत्री का पुतला जलाने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी भी हो गयी है।जिसमें एक पुलिस आरक्षक घायल हो गया है। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा है।

दरअसल यह प्रदर्शन शुक्रवार को देर शाम सतना शहर के धवारी तिराहे पर हुआ है। जहा कांग्रेस शहर अध्यक्ष आरिफ इकबाल सिद्दीकी के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने मंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की, मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया है।
पुतला छीनने में आरक्षक घायल
पुलिसकर्मियों ने जब पुतला छीनने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों में झूमाझटकी शुरू हो गई। इसी खींचतान के दौरान कोलगवां थाने में पदस्थ आरक्षक रावेंद्र मिश्रा सड़क पर गिर गए, जिससे उनके सिर पर चोट आई है। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घायल पुलिसकर्मी से मुलाकात करने पहुचे एडिशनल एसपी
वही झड़प में घायल पुलिस कर्मी को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। जहा सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी शिवेश सिंह बघेल जिला अस्पताल पहुँचकर घायल पुलिस कर्मी का हाल चाल जाना है।इस दौरान मौके पर सीएसपी डीपी सिंह, कोलगवा टीआई सुदीप सोनी, कोतवाली टीआई रावेंद्र द्विवेदी, सिविल लाइन टीआई योगेंद्र सिंह समेत पुलिस स्टाफ मौजूद रहा।
वाटर कैनन ने बुझाया पुतला
वही, आरक्षक के घायल होने के बाद भी जब कांग्रेसी कार्यकर्ता पुतला जलाने पर अड़े रहे, तो पुलिस ने वाटर कैनन वैन से पुतले पर पानी की बौछार कर दी है, जिससे वह गीला हो गया और जल नहीं सका है। प्रदर्शन के मद्देनजर मौके पर एसडीएम राहुल सिलाड़िया और सीएसपी देवेंद्र सिंह, टीआई रावेंद्र द्विवेदी समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में कांग्रेसियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपना प्रदर्शन समाप्त किया और मंत्री विजयवर्गीय से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की है।
क्या था विजयवर्गीय का विवादित बयान?
दरअसल, गुरुवार को शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बयान में कहा था, ‘हम पुरानी संस्कृति के लोग हैं, पुराने जमाने में लोग अपनी बहनों के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आज के हमारे प्रतिपक्ष के नेता ऐसे हैं कि अपनी बहन को चौराहे पर चुंबन कर लेते है।कांग्रेस इसी बयान को लेकर पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर रही है।







