सतना: मध्यप्रदेश के सतना जिले में फसलों की कटाई के बाद नरवाई (फसल अवशेष) जलाने पर अब भारी जुर्माना लगेगा। पर्यावरण प्रदूषण और आगजनी की घटनाओं पर सख्ती से लगाम लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस ने पूरे जिले में नरवाई जलाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।आदेश का उल्लंघन करने वाले किसानों पर उनकी भूमि के आधार पर 2,500 रुपए से लेकर 15,000 रुपए प्रति घटना तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

कंबाइन हार्वेस्टर के लिए भी नियम हुए सख्त
कलेक्टर द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेश में कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रॉ रीपर का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। जिला परिवहन अधिकारी और कृषि अभियांत्रिकी विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि जिले में कोई भी हार्वेस्टर इन जीवन-रक्षक उपकरणों के बिना न चले। नियमों का उल्लंघन करने वाले हार्वेस्टर संचालकों पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
किस पर कितना लगेगा जुर्माना?
यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत की गई है। नए नियमों के अनुसार, पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि दो एकड़ से कम भूमिधारक कृषकों द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि 2500 रूपये, दो एकड़ से अधिक तथा पांच एकड़ से कम भूमिधारक कृषकों द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि 5000 रूपये तथा पांच एकड़ से अधिक भूमिधारक कृषकों द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि 15000 रूपये प्रति घटना देय होगी।
पटवारी और कृषि अधिकारी करेंगे निगरानी
आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी और पटवारी संयुक्त रूप से जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपेंगे। इसके बाद पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए कलेक्टर कार्यालय द्वारा अंतिम कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे सतना जिले में लागू हो गया है।







