इंदौर। मध्य प्रदेश ने तकनीकी और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। इंदौर में आयोजित ‘मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में ₹15,896 करोड़ के विशाल निवेश और 64,085 से अधिक रोज़गार के अवसरों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह आयोजन राज्य की अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
निवेश और रोज़गार की मुख्य घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव के दौरान हुए महत्वपूर्ण समझौतों और निवेश की जानकारी साझा की:
| विवरण | निवेश (₹ करोड़) | रोज़गार के अवसर |
| कुल घोषित निवेश | 15,896 | 64,085 |
| 22 नई इकाइयों का उद्घाटन | 257 | 2,125 |
| 4 नई परियोजनाओं का भूमिपूजन | 1,346.75 | 21,150 |
- 700 से अधिक निवेशकों ने कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया।
- मुख्यमंत्री ने 8 से अधिक बड़े निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग्स की, जिससे निवेश का रास्ता खुला।
- 9 कंपनियों को भूमि आवंटन पत्र भी जारी किए गए, जो भविष्य में और निवेश को आकर्षित करेंगे।
भोपाल में बनेगी ‘नॉलेज सिटी’
तकनीकी शिक्षा और ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की:
“भोपाल में साइबर सिटी की तर्ज पर एक ‘नॉलेज सिटी’ विकसित की जाएगी, जिसके लिए 45 एकड़ जमीन आवंटित की जा रही है। यह परियोजना भविष्य में छात्रों के लिए ज्ञान और प्रयोग का केंद्र बनेगी।”
सेना के साथ MOU: नई दिशा में कदम
डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने भारतीय सेना के साथ एक MOU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे उन्होंने ‘एक नवाचार’ बताया। यह समझौता तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में नई संभावनाएँ खोलेगा।
छोटे उद्योगों को भी मिला प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कॉन्क्लेव में केवल बड़े उद्योगपतियों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया गया। छोटी और मध्यम कंपनियों को भी जोड़ा गया है, जिसका उद्देश्य हर स्तर पर रोज़गार सृजन करना और प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा देना है। यह चार महीने से भी कम समय में राज्य का दूसरा टेक कॉन्क्लेव था, जो सरकार की तकनीकी क्षेत्र में तेज़ प्रगति करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।








