सतना: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के परिवार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सतना पुलिस ने मंत्री के सगे भाई अनिल बागरी को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके साथी के घर से 46 किलो 134 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार में कीमत ₹9 लाख से अधिक है।
मंत्री के भाई और जीजा का अंतर्राज्यीय नेटवर्क
इस हाई-प्रोफाइल मामले में मंत्री प्रतिमा बागरी का परिवार दूसरी बार निशाने पर आया है।
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गिरफ्तार आरोपी: अनिल बागरी (राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का सगा भाई) और पंकज सिंह (गांजा भंडारण करने वाला)।
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मुख्य आरोपी (जेल में): शैलेंद्र सिंह (मंत्री का बहनोई/जीजा)। शैलेंद्र सिंह को बीते 3 दिसंबर को ही यूपी की बांदा पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था और वह वर्तमान में बांदा जेल में बंद है।
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गांजा की मात्रा: पुलिस ने 46 किलो 134 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹9 लाख 22 हजार 680 रुपये है।
पुलिस रेड और कार्रवाई
एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के मरौहा गांव में मादक पदार्थों का भंडारण किया गया है।
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दबिश: 7-8 दिसंबर की दरमियानी रात पुलिस ने पंकज सिंह (निवासी मतहा) के घर पर दबिश दी।
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बरामदगी का तरीका: तलाशी के दौरान घर के बाहर टीन शेड में रखी धान की बोरियों के नीचे से गांजे के 48 पैकेट बरामद हुए।
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खुलासा: पंकज सिंह ने पूछताछ में बताया कि यह गांजा अनिल बागरी और शैलेंद्र सिंह का है। इसके बाद सोमवार को अनिल बागरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
न्यायिक हिरासत और आपराधिक रिकॉर्ड
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गिरोह का संचालन: पुलिस सूत्रों ने बताया कि अनिल बागरी अपने जीजा शैलेंद्र सिंह के साथ मिलकर लंबे समय से गांजा तस्करी का नेटवर्क चलाता था। शैलेंद्र सिंह को इस तस्करी का मास्टरमाइंड माना जाता है।
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जेल भेजा गया: पुलिस ने अनिल बागरी और पंकज सिंह को एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को 19 दिसंबर तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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पिछला रिकॉर्ड: शैलेंद्र सिंह पहले भी सतना पुलिस द्वारा नशीली कफ सिरप की तस्करी में गिरफ्तार हो चुका है, जिसमें ₹5.5 करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ था।









